1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. MSP को कानूनी जिम्मेदारी देने से क्यों भाग रही है सरकार, कांग्रेस ने पूछा सवाल

MSP को कानूनी जिम्मेदारी देने से क्यों भाग रही है सरकार, कांग्रेस ने पूछा सवाल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 20, 2020 01:41 pm IST,  Updated : Sep 20, 2020 01:41 pm IST

कृषि संबंधित विधेयकों को राज्यसभा में पेश किए जाने के बीच कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे को लेकर केंद्र पर हमला तेज कर दिया और उसपर न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी जिम्मेदारी देने से दूर भागने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला- India TV Hindi
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला Image Source : PTI

नई दिल्ली: कृषि संबंधित विधेयकों को राज्यसभा में पेश किए जाने के बीच कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे को लेकर केंद्र पर हमला तेज कर दिया और उसपर न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी जिम्मेदारी देने से दूर भागने का आरोप लगाया। वहीं, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा से पारित इन विधेयकों को आज राज्यसभा में पेश किया। तोमर ने कहा कि किसानों से कृषि फसल की एमएसपी आधारित खरीद जारी रहेगी और इसका इन विधेयकों से कोई संबंध नहीं है जिनमें कृषकों को अपनी उपज बेचने की आजादी देने की कोशिश की गयी है। 

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार व्हिप के जरिए राज्यसभा से ‘तीन काले विधेयक’ पारित करवाएगी। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘लेकिन, इस सवाल का जवाब नहीं है कि कैसे 15.5 करोड़ किसान एमएसपी हासिल करेंगे? मंडी के बाद एमएसपी की जिम्मेदारी कौन लेगा? ’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार एमएसपी को कानूनी जिम्मेदारी देने से क्यों भाग रही है। मंडी के बाहर एमएसपी की जिम्मेदारी कौन लेगा।’’ 

इन विधेयकों का किसान संगठन एवं सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर से भी कड़ा विरोध किया जा रहा है। इनके लोकसभा से पास होने पर शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत कौर ने अपने इस्तीफे में अपनी पार्टी और किसानों को एक दूसरे का पर्याय बताया था। उन्होंने कहा था कि किसानों के हितों से उनकी पार्टी किसी तरह का समझौता नहीं कर सकती।

वहीं, आज राज्यसभा में विधेयकों के पेश किए जाने पर कांग्रेस ने भी इनका विरोध और तेज कर दिया। सदन के बाहर रणदीप सुरजेवाला ने इनका विरोध किया वहीं सदन के अंदर कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समाप्त करने और कॉर्पोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों नए कृषि विधेयक लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि अभी हर दिन कोरोना वायरस के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और सीमा पर चीन के साथ तनाव है। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा MSP को खत्म करने का और कॉर्पोरेट जगत को बढ़ावा देने का है।  उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने नए कदम उठाने के पहले किसान संगठनों से बातचीत की थी? उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक देश के संघीय ढांचे के साथ भी खिलवाड़ हैं।

उन्होंने कहा कि जिन्हें आप फायदा देना चाहते हैं, वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में नए कानूनों की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि देश के किसान अब अनपढ़ नहीं हैं और वह सरकार के कदम को समझते हैं। बाजवा ने सवाल किया कि अगर सरकार के कदम किसानों के पक्ष में हैं तो भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी अकाली दल क्यों इसका विरोध कर रही है?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत