नई दिल्ली: 500 और 1000 के नोट को बंद करने के फ़ैसले के बाद शुक्रवार को देश के हर बैंक, डाकखाने और एटीएम में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा लेकिन ज़्यादातर लोगों को ख़ाली हाथ घर लौटना पड़ा। कहीं ATM में पैसा ख़त्म हो गया तो कई मशीनों ने तो दम ही तोड़ दिया। नोटबंदी के ऐलान के दो दिन बाद जब शुक्रवार को एटीएम खुले तो उम्मीद थी कि इससे बैंकों पर बोझ कम होगा और समस्या भी हल होगी लेकिन पहले तो सुबह कई एटीएम पर पैसा पहुंचने में ही देर हुई। इसके बाद भीड़ इतनी ज्यादा पहुंची कि अधिकांश एमटीएम में कैश खत्म हो गया।
देश में करोड़ों लोगों का कहना है कि अब उनके पास रोज़मर्रा के खाने-पीने तक के लिए पैसा नहीं बचा है। जो हालात हैं, शुक्रवार को लोग लंबी और बेचैन करने वाली कतारों में पहले तो संयम से खड़े रहे और समस्या पैदा करने वाले हंगामे से बचते रहे लेकिन समय के गुज़रने के साथ उनके सब्र का पैमाना छलकने लगा और देखते ही देखते उनका ग़ुस्से का उबाल बैंकों से निकलकर सड़कों पर आ गया। राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाराज ग्राहकों ने एक निजी बैंक के दो कर्मचारियों की पिटाई कर दी।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक बैंक में भीड़ हिंसक हो उठी। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर हालात पर काबू पाया। नोट बदलने के लिए जनपद के मेरठ रोड पर सूजडू औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में जमा भीड़ ने बैंक की जाली तोड़ दी। पुलिस ने भीड़ को बाहर खदेड़ा, जिसके बाद वहां बवाल हो गया। लोगों ने बाहर निकलकर बैंक पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए और पुलिस पर भी जमकर पथराव किया गया। बचाव में पुलिस ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे भगदड़ मच गई।
इसी बीच आसपास से और अधिक पुलिस बल पहुंच गया। करीब दस मिनट तक पुलिस और भीड़ का टकराव होता रहा। एक महिला को र्छे भी लगे, जबकि एक लड़की समेत दो अन्य लोग भी घायल हो गए। उत्तेजित भीड़ ने मेरठ रोड जाम कर दिया।
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