श्रीनगर: कश्मीर घाटी के श्रीनगर जिले, अनंतनाग शहर और बडगाम के मागम इलाके में एहतियाती तौर पर कफ्र्यू जारी है। कश्मीर में मौजूदा अशांति की वजह से 63 लोगों की जान जा चुकी है और आज लगातार 40वें दिन जनजीवन प्रभावित हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, बडगाम जिले के मागम क्षेत्र में कफ्र्यू लगाया गया है जहां कल सुरक्षा बलों की गोलीबारी में चार व्यक्ति मारे गए थे। श्रीनगर जिले और अनंतनाग शहर में भी कफ्र्यू जारी है।
उन्होंने कहा कि घाटी के अन्य हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी हैं। श्रीनगर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और सोनावर में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह :यूएनएमओजी: के स्थानीय दफ्तर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया है। अलगाववादी समूहों ने यहां संयुक्त राष्ट्र दफ्तर तक मार्च निकालने का आह्वान किया था ताकि विश्व निकाय पर कश्मीर मुद्दे में दखल देने और उसका हल निकालने के लिए दबाव बनाया जा सके।
अलगाववादियों ने धमकी दी है कि अगर सरकार संयुक्त राष्ट्र कार्यालय तक उनके प्रस्तावित मार्च की इजाजत नहीं देती है तो वे 72 घंटे का धरना देंगे। घाटी में आज लगातार 40वें दिन सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अलगाववादियों की हड़ताल की वजह से स्कूल, कॉलेज और निजी कार्यालय बंद ही रहे जबकि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। सरकारी दफ्तरों में हाजिरी भी कम रही। समूची घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सेवा निलंबित है। ब्रॉडबैंड सेवा शनिवार शाम को बंद कर दी गई थी जबकि मोबाइल फोन सेवा को उसी दिन देर रात को निलंबित किया गया।
बीती आठ जुलाई को सुरक्षा बलों ने हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को एक मुठभेड़ में मार गिराया था जिसके खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की वजह से जनजीवन प्रभावित है। अलगाववादी खेमा घाटी में नागरिकों के मारे जाने को लेकर प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा है। नौ जुलाई से शुरू हुए संघर्ष में दो पुलिसकर्मियों सहित 63 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग जख्मी हैं।