
Iftar during Ramzan
खाड़ी में सऊदी अरब सबसे संपन्न, प्रभावशाली और धर्म के लिहाज़ से सबसे कट्टर देश माना जाता है जहां कट्टर विचारधारा वहाबी का बोलबाला है। सऊदी अरब में मुसलमान वहाबी धारा को सबसे ज्यादा मानते हैं।
बताने की ज़रुरत नहीं कि तेल के अकूत भंडार की वजह से सऊद अरब बेहद समृद्ध और मज़बूत हो गया है। आज विश्व में तेल की क्या क़ीमत होगी ये वो तय करता है। औद्दोगिकिकरण के युग में विश्व अर्थ-व्यवस्था तेल पर ही निर्भर करती है। दूसरी तरफ भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमान लगातार पिछड़ते हुए आर्थिक रुप से बहुत कमज़ोर हो गए हैं। शायद यही वजह है कि यहां के मुसलमानों का एक तबका अरबी शब्दों को अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाने में लगा हुआ है। वे ''अरब वाले मुसलमान'' बन रहे हैं। इसीलिए ‘रमज़ान’ तेज़ी से 'रमदान' हो रहा है। ख़ुदा जैसे बेहद प्रचलित शब्द पर भी अरबी का मुलम्मा चढ़ रहा है और इसीलिए ‘ख़ुदा हाफ़िज़’ भी ‘अल्लाह हाफ़िज़’ हुआ जाता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में ये बदलाव इस उपमहाद्वीप की संस्क़ति पर हमले के रुप में देखा जा सकता है।