नई दिल्ली: नई दिल्ली में अब पतंगबाजों को चीनी मांझे का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी करके धार वाले सभी मांझों पर प्रतिबंध लगा दिया है। जानकारी के मुताबिक पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के सेक्शन 5 के तहत इस पर बैन लगाया गया है। चाइनीज मांझों के साथ नाइलोन, प्लास्टिक और कांच के इस्तेमाल से बनाए जाने वाले मांझे का इस्तेमाल अब दिल्ली में नहीं हो सकेगा। अब पतंग उड़ाने के लिए सिर्फ सूती धागों का ही प्रयोग हो सकेगा। गौरतलब है कि सोमवार को एक तीन साल की बच्ची की गर्दन मांझे से कट गई थी और अस्पताल जाते जाते उसने दम तोड़ दिया। (देश और दुनिया की अन्य खबरों को देखने के लिए क्लिक करें।)
बैन का उल्लंघन किया तो बड़ी सजा:
इस प्रतिबंध को न मानने वालों को कड़ी सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। प्रतिबंध को न मानने वालों को पांच साल की कैद या एक लाख रुपए जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
मांझे ने ले ली तीन साल की बच्ची की जान:
हर साल मांझे का शिकार होते हैं लोग:
पतंग उड़ाने वाले दीवाने हर साल 15 अगस्त का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस दिन देशभर में खूब पतंगे उड़ती हैं। कुछ पतंगे पेंच में उलझकर कट जाती हैं तो वो किसी मकान, छत या फिर सड़क पर जा कर गिर जाती है। ऐसे में ऐसा कई बार होता है कि इन पतंगों में लिपटा मांझा सड़क पर लटका रहता है और वहां से गुजरने वाला राहगीर उसकी चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार हो जाता है।