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प्रियंका गांधी को एक महीने के अंदर सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश

 Published : Jul 01, 2020 06:45 pm IST,  Updated : Jul 02, 2020 12:10 am IST

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को एक महीने के अंदर सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। जानिए क्यों प्रियंका गांधी से सरकारी बंगला खाली कराया जा रहा है।

GOVERNMENT ACCOMMODATION ALLOTTED TO SMT. PRIYANKA GANDHI VADRA CANCELLED- India TV Hindi
GOVERNMENT ACCOMMODATION ALLOTTED TO SMT. PRIYANKA GANDHI VADRA CANCELLED Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को एक महीने के अंदर सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने प्रियंका गांधी को 35, लोधी एस्टेट का बंगला खाली करने का आदेश दिया है। प्रियंका गाधी को 1 अगस्त तक लोधी एस्टेट का बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने प्रियंका गांधी को बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। 23 साल पहले 21 फरवरी 1997 को प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट में 35 नंबर सरकारी बंगला आबंटित किया गया था। उस समय प्रियंका गांधी को एसपीज सुरक्षा मिली हुई थी और उसी के आधार पर बंग्ला दिया गया था। 

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प्रियंका गांधी से सरकारी बंगला खाली कराने को लेकर मंत्रालय का कहना है कि जेड प्लस सिक्योरिटी वालों को सरकारी बंगला जरूरी नहीं है। प्रियंका गांधी के पास अब जेड प्लस सिक्योरिटी है। SPG सुरक्षा हटने के चलते प्रियंका गांधी को सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। नियमों के मुताबिक, जेड प्लस सिक्योरिटी प्राप्त व्यक्ति को सरकारी आवास नहीं दिया जाता, हालांकि कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमोडेशन चाहे तो गृह मंत्रालय के आकलन के आधार पर इसकी सिफारिश कर सकती है। प्रियंका गांधी अभी बंगले का इस्तेमाल कर रही हैं और उनके ऊपर सरकार की 346677 करोड़ रुपए की देनदारी है। इसकी वसूली के लिए उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है।

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प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट में स्थित 35 नंबर बंगला 21 फरवरी 1997 को आबंटित किया गया था। उस समय एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के लिए सरकारी बंगले का प्रावधान था। लेकिन अब प्रियंका गांधी एसपीजी सुरक्षा प्राप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है और जेड प्लस व्यक्ति के लिए सरकारी बंगला दिया जाना जरूरी नहीं है। वर्ष 2020 में कैबिनेट की बैठक में यह तय हुआ था कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को छोड़ बाकी किसी भी व्यक्ति भी निजी व्यक्ति को सुरक्षा के आधार पर सरकारी आवास नहीं दिया जाएगा। बता दें कि, प्रियंका गांधी ने हाल ही में कोरोना संकट और मजदूरों को लेकर राज्य की योगी सरकार को कई बार सवालों के घेरे में लाकर खड़ा किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कोरोना संकट और चीन के मुद्दे को लेकर लगातार राज्य की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर हमले कर रही हैं। 

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