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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 92 वर्ष की उम्र में निधन, पीएम ने जताया शोक

 Edited By: Nirnay Kapoor
 Published : Oct 29, 2020 12:04 pm IST,  Updated : Oct 29, 2020 02:35 pm IST

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन. हार्ट अटैक के चलते अहमदाबाद के स्टर्लिंग हॉस्पिटल ले जाया गया था पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गयी

Keshubhai Patel- India TV Hindi
Keshubhai Patel Image Source : FILE

अहमदाबाद। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया है, हार्ट अटैक के बाद उन्हें अहमदाबाद के स्टर्लिगं अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, वे 92 वर्ष के थे। केशुभाई पटेल 2 बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके थे। केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने केशुभाई पटेल के परिवार से बात की और दुख व्यक्त किया है।

बताया जा रहा है कि वे हाल ही में वे कोविड 19 की चपेट में आए थे। लेकिन इलाज के बाद वे स्वस्थ हो गए थे। केशुभाई पटेल 1995 में और 1998 से 2001 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे। उनके बेटे प्रवीण पटेल का साल 2017 के सितंबर महीने में अमेरिका के डलास में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। 

 पटेल छह बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे। साल 2012 में भाजपा छोड़ने के बाद उन्होंने‘गुजरात परिवर्तन पार्टी’ बनाई, जिसने 2012 में राज्य के विधानसभा चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन किया। इसके बाद 2014 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया। जूनागढ़ जिले के विसावदर शहर में 1928 में जन्मे पटेल 1945 में बतौर प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हुए। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बतौर जन संघ कार्यकर्ता के तौर पर की थी। 

पटेल के बेटे भरत पटेल ने कहा, ‘‘ हालांकि, हाल ही में वह कोरोना वायरस से उबर गए थे, लेकिन संक्रमण से उनके शरीर पर पड़े प्रभाव के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।’’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर हम उन्हें अस्पताल से ले गए। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं बच पाए।’’ पटेल ‘सोमनाथ ट्रस्ट’ के अध्यक्ष भी थे, जो सौराष्ट्र क्षेत्र में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का प्रबंधन करता है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भाजपा के कद्दावर नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे गुजरात के लिए एक बड़ी क्षति बताया। 

गढ़दा में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा, ‘‘ केशुभाई पटेल, जिन्होंने जन संघ के दिनों से भाजपा को मजबूत बनाया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और किसानों की सेवा में लगा दिया, आज उनका निधन हो गया। गुजरात और भाजपा के लिये बड़ी क्षति।’’ गढ़दा में तीन नवम्बर को उप चुनाव है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘‘ केशुभाई पटेल के निधन से, राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया। 

उनका लंबा सार्वजनिक जीवन लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। किसानों के हितों की रक्षा की, लोगों के साथ उनका अद्भुत संबंध था।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे प्रिय और माननीय केशुभाई के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। वह एक बेहतरीन नेता थे, जिन्हें समाज के हर तबके की चिंता थी। 

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