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शहीद जवान को परिवार और गांव के लोगों ने अश्रुपूर्ण विदाई दी

 Written By: Bhasha
 Published : Sep 20, 2016 02:04 pm IST,  Updated : Sep 20, 2016 02:04 pm IST

उरी में शहीद हुए सेना के जवान संदीप सोमनाथ ठोक के परिवार और हजारों भावुक ग्रामीणों की नारेबाजी के बीच उनके पार्थिव शरीर का यहां उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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नासिक: उरी में शहीद हुए सेना के जवान संदीप सोमनाथ ठोक के परिवार और हजारों भावुक ग्रामीणों की नारेबाजी के बीच उनके पार्थिव शरीर का यहां उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। श्रीनगर से आईएएफ के एक विमान से 24 वर्षीय संदीप का शव नासिक जिले में ओझार हवाई अड्डे पर लाया गया और कल रात सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव खादनगली लाया गया। संदीप के परिवार में उनके माता-पिता और बड़े भाई योगेश और दो शादीशुदा बहनें हैं। शहीद जवान का शव देख कर उनके माता-पिता, रिश्तेदारों और ग्रामीणों के आंसू छलक आये। गांव में उनकी शवयात्रा भी निकाली गयी। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री दादाजी भुसे, जिला क्लेक्टर राधाकृष्णन बी, उप संभागीय अधिकारी महेश पाटिल, तहसीलदार मनोज खैरनार और अन्य लोगों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

एक प्याज किसान के बेटे संदीप 2014 में सेना में शामिल हुआ था। इस गांव के दस युवक सेना में कार्यरत हैं। कल देर रात पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ संदीप के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया और इस दौरान शोकाकुल ग्रामीणों ने भारत माता की जय और संदीप ठोक अमर रहें के नारे लगाये। उरी हमले में संदीप के अलावा, महाराष्ट्र के तीन अन्य जवान भी शहीद हुये हैं। वे हैं सतारा के चंद्रकांत शंकर गलांदे, यवतमाल जिले के विकास जर्नादन कुलमेठे :27: और अमरावती के पंजाब उर्फ विकास जानराव । इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के पाकिस्तान स्थित जेश ए मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह है। आतंकवादियों ने रविवार को कश्मीर में उरी के सेना के एक प्रतिष्ठान पर हमला कर दिया था जिसमें 18 जवान शहीद हो गये थे।

इस बीच सतारा से मिली खबर के अनुसार, उरी हमले में शहीद होने वाले लांस नायक चंद्रकांत गलांडे का आज पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ सतारा जिले के एक छोटे गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया और इस दौरान हजारों लोग मौजूद थे। उनके परिवार के सदस्यों और हजारों ग्रामीणों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से 27 वर्षीय शहीद को अंतिम विदाई दी। गलांडे का पार्थिव शरीर आज सतारा में उसके पैतृक गांव जाशी लाया गया जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक विशाल शवयात्रा निकाली गयी और बहादुर जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर के बाहर रंगोली बनायी गयी थी।

सतारा के अभिभावक मंत्री विजय शिवतारे, राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता सुरक्षा मंत्री गिरिश बापट और कई अन्य लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद गलांडे 2004 में सेना में शामिल हुआ। उसके परिवार में उसकी पत्नी, दो बेटे, माता-पिता और दो भाई है। कल संवाददाताओं के साथ बातचीत में उनके मात-पिता ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी।

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