जम्मू: कैप्टन कपिल कुंडु, हवलदार रोशन लाल (42), राइफलमैन राम अवतार (27) और राइफलमैन शुभम सिंह (23) ने देश के लिए शहादत दी है और पूरा देश गुस्से में है और पाकिस्तान को करारा जवाब देना जरूरी हो गया है। गौरतलब है कि रविवार को जम्मू कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलें में LoC पर पाकिस्तान ने ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए भारी गोलीबारी की जिसकी चपेट में आकर भारतीय सेना के कैप्टन कपिल कुंडु और 3 जवान शहीद हो गए।
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सेना ने कहा बलिदान बेकार नहीं जाएगा
कैप्टन कपिल कुंडु सहित 3 जवानों की शहादत पर भारतीय सेना ने कहा है कि देश के जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा और पाकिस्तान की तरफ से की जा रही उकसावे की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
जन्मदिन से 6 दिन पहले देश के लिए शहीद हुए कैप्टन कपिल कुंडु
पाकिस्तान के हमलें में देश के लिए शहीद हुए कैप्टन कपिल कुंडु का 10 फरवरी को जन्मदिन है। आने वाली 10 फरवरी को वह 23 साल का हो जाते। कुछ दिन पहले बहन के साथ वीडियो चैट करते हुए बात की थी। उनकी बहन का कहना है कि वह जब भी घर आता था तो बिना बताए ही आता था और सरप्राइज देता था। उनकी बहन सोनिया कुंडु ने कहा उनके भाई को कविता लिखने का शौक था और वह हमेशा देशभक्ति कविता लिखा करता था। एक तरफ परिवार कैप्टन कपिल कुंडु को 10 फरवरी को उनके जन्मदिन पर सरप्राइज देना चाहता था लेकिन अफसोस पाकिस्तानी गोलीबारी में उनकी शहादत की खबर आई। मात्र 22 साल की उम्र में कैप्टन कपिल कुंडु देश के लिए शहीद हो गए।
मां को बेटे की शहादत पर गर्व, कहा-मुझे भरोसा है देश की सेना 4 के बदले 40 को मारेगी
कैप्टन कपिल कुंडु की मां ने बेटे की शहादत पर गर्व जताया है और कहा है वह हमेशा से देश की सेवा करना चाहता था। उन्होंने कहा कि मुझे देश की सेना पर भरोसा है कि वह 4 के बदले 40 मार कर आएंगे और पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए बदला लेंगे।
शहादत से पहले कैप्टन कपिल कुंडू की आखिरी कविता
पाकिस्तानी फायरिंग में शहीद कैप्टन कपिल कुंडू की शहादत से गुरुग्राम में उनका परिवार सदमे में है। आपको बता दें कि उनका परिवार 6 दिन बाद कैप्टन कपिल कुंडू का 23 वां जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। शहाहत से पहले कैप्टन ने फेसबुक पर लिखे आखिरी पोस्ट में कहा था, जिंदगी लंबी नहीं..बड़ी हो। शहीद होने से पहले कैप्टन कपिल ने एक कविता लिखी थी जो इस प्रकार है:
''अपने लहु से सींचा है उन परवानों ने,
यूंही नहीं ये वादिया जन्नत कहलाती है।
आज भी खड़ी है रूह-ए-आशिक इन सरहदों पे,
आजमाना है किसी को अपना ज़ोर तो आए।
पूछा खुदा ने काफी कत्ल किये हैं उन जहांन में,
बोला, आशिक-ए-वतन हूं गुनाहों की हर सजा मंजूर है।
करके नम अपने चशम, बोले निज़ाम-ए-आलम,
ऐसे दलेर आशिक से पहली दफा पाला पड़ा है।
बोला, खुदा कतार बहुत लंबी है अभी आने वालों की,
कमी नहीं है मेरे मुल्क में उस पर मर मिटने वालों की।''
गौरतलब है कि, जम्मू कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा (LoC) से लगते इलाकों में पाकिस्तान की ओर से की गई जबरदस्त गोलीबारी में सेना के एक अधिकारी और तीन जवान शहीद हो गए जबकि दो नाबालिग समेत चार लोग घायल हो गए थे।