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ये हैं दुनिया के कुछ दंग कर देने वाले टैक्स, भारत भी शामिल

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 01, 2018 10:44 am IST,  Updated : Feb 01, 2018 10:58 am IST

दिल्ली में यह अजीबो-गरीब तरह का टैक्स 1 अप्रैल 2012 से लगने वाला था, जिसमें भीड़ वाली जगहों पर पीक आवर्स में निजी गाड़ी ले जाने पर तय शुल्क देना पड़ता। हालांकि इस तरह के टैक्स पर एक राय नहीं बनी और इसे आगे के लिए विचाराधीन रखा गया।

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Budget 2018: यहां घूस देने पर थी टैक्स में छूट तो दाढ़ी पर लगाया टैक्स, ये हैं दुनिया के दंग कर देने वाले टैक्स

नई दिल्ली: देश में GST लागू होने के बाद मोदी सरकार का ये पहला आम बजट है। इसके साथ ही 2019 के आम चुनाव से पहले भी मोदी सरकार का ये आखिरी फुल बजट है। ऐसे में इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं लेकिन यदि हम इतिहास पर नजर डालें तो दुनिया में ऐसे कई अनोखे टैक्स सरकारों ने लगाए हैं, जो आपका दिमाग घूमा देंगे। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही अजीबो-गरीब टैक्सों के बारे में...

दाढ़ी पर लगाया टैक्स

इंग्लैंड के हैनरी VIII, उनकी बेटी एलिजाबेथ I और रूस के पीटर द ग्रेट ने दाढ़ी पर टैक्स लगाया था। वहीं विलियम III ने खिड़कियों पर टैक्स लगाया था। हेनरी I ने उन लोगों पर टैक्स लगाया था, जो इंग्लैंड के लिए लड़ना और मरना नहीं चाहते थे। पीटर द ग्रेट ने सोल टैक्स यानी आत्मा पर कर वसूलने की व्यवस्था उन लोगों से की थी, जो यह यकीन करते थे कि उनके पास आत्मा जैसी कोई चीज है। हालांकि, जो लोग कहते हैं कि उनका आत्मा में विश्वास नहीं है, उनपर धर्म में आस्था न रखने का टैक्स लिया जाता था।

टैक्स का मतलब 'लेबर'
इजिप्ट में टैक्स का मतलब 'लेबर (मेहनत)' था। कुछ एक लाख लोगों का कहना था कि उन्होंने 20 साल तक पिरामिड के लिए मेहनत की है। अफवाह यह उड़ी कि फैरओह ने इस प्रॉजेक्ट के फाइनैंस को संभालने के लिए अपनी बेटी को प्रॉस्टिट्यूशन के काम में लगाया। बताया जाता है कि वह अपनी फी में अपने पिरामिड के लिए हर कस्टमर से स्टोन का एक्स्ट्रा ब्लॉक चार्ज करती थी।
 
सेक्स टैक्स
भले ही प्रॉस्टिट्यूशन जर्मनी में लीगल है, लेकिन इसके लिए यहां सेक्स टैक्स जैसे कानून बनाए गए हैं। 2004 में आए इस टैक्स कानून के तहत हर प्रॉस्टिट्यूट को शहर को 150 यूरो हर महीने देने पड़ते हैं। पार्ट टाइमर को अपने हर दिन के काम के लिए 6 यूरो चुकाने पड़ते हैं। इस सेक्स टैक्स की बदौलत यहां 1 मिलियन यूरो वार्षिक की आमदनी होती है।

अगले स्लाइड में जानें कब और क्यों भारत में लगा था ब्रेस्‍ट टैक्‍स...

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