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भारत ने PAK वकील की अभद्र भाषा पर जताई आपत्ति, ICJ से 'लक्ष्मण रेखा' खींचने का किया आग्रह

 Written By: Bhasha
 Published : Feb 20, 2019 11:38 pm IST,  Updated : Feb 20, 2019 11:38 pm IST

भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में कुलभूषण जाधव के मामले में सुनवाई के दौरान बुधवार को पाकिस्तान के वकील की ओर से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर कड़ी आपत्ति जताई।

Harish Salve- India TV Hindi
Harish Salve

हेग: भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में कुलभूषण जाधव के मामले में सुनवाई के दौरान बुधवार को पाकिस्तान के वकील की ओर से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर कड़ी आपत्ति जताई और संयुक्त राष्ट्र की अदालत से ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ खींचने की अपील की ताकि वह दोबारा ऐसा न कर सके। भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने ICJ में भारत के मामले को पेश करते हुए, सुनवाई के दूसरे दिन पाकिस्तानी वकील ख्वाजा कुरैशी द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की ओर अदालत का ध्यान खींचा।

कुलभूषण जाधव मामले में दूसरे दौर की सार्वजनिक सुनवाई शुरू होने पर साल्वे ने कहा, ‘‘ जिस तरह की भाषा इस अदालत में इस्तेमाल की गई, ये अदालत कुछ लक्ष्मण रेखाओं का निर्धारण कर सकती है। उनके भाषण की भाषा में बेशर्म, बकवास, लज्जाजनक जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। भारत अंतरराष्ट्रीय अदालत में इस तरह से संबोधित किए जाने पर आपत्ति जताता है। भारतीय संस्कृति मुझे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से रोकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत पाकिस्तानी वकील की अभद्र भाषा पर कड़ा ऐतराज जताता है।’’ उन्होंने कहा कि मामले में किसी संप्रभु राष्ट्र की आलोचना ऐसी भाषा में होनी चाहिए जो दूसरे देश की गरिमा के मुताबिक हो, ऐसा राष्ट्र जिससे दूसरे राष्ट्र का जन्म हुआ है। साल्वे ने कहा, ‘‘इस अदालत में ऐरे-गैरे का स्थान नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप कानूनी तौर पर मजबूत होते हैं तो आप कानूनन बातें रखते हैं, जब आप तथ्यों से मजबूत होते हैं तो आप तथ्यात्मक रूप से बातों को रखते हैं और जब आपके पास दोनों नहीं होते तो आप टेबल पीटते हैं। पाकिस्तान टेबल पीट रहा है। भारत ने तथ्य सामने रखे हैं।’’ 

जाधव भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्हें बंद कमरे में सुनवाई के बाद अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत को बुधवार को मामले में अंतिम जिरह के लिए अधिकतम 90 मिनट का समय मिला था। पाकिस्तान बृहस्पतिवार को जब भारत की जिरह पर जवाब देगा तो उसे भी 90 मिनट का वक्त मिलेगा। ICJ 2019 की गर्मियों तक इस पर अंतिम फैसला दे सकता है।

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