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विदेश में नौकरी पाने के लिये पासपोर्ट बाबा के दरबार में लगाते हैं अर्जी!

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 07, 2016 08:53 am IST,  Updated : Jul 07, 2016 08:53 am IST

जमशेदपुर के कालूबागान इलाके में स्थित इस मजार में हर दिन हाथों में पासपोर्ट की फोटोकॉपी लेकर लोग आते रहते हैं, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार के दिन यहां भीड़ काफी बढ़ जाती है।

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नई दिल्ली: आस्था और अंधविश्वास के बीच विभाजन की रेखा बहुत बारीक होती है लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों से जमशेदपुर आने वाले आस्था की मज़बूत डोर के सहारे ही इस मज़ार तक चले आते हैं। वे कहते हैं कि यह विशुद्ध आस्था है, कोई अंधविश्वास नहीं. ये वो लोग हैं जो नौकरी के लिए विदेश जाना चाहते हैं। वे अपने पासपोर्ट की प्रति मज़ार से सटे पेड़ पर बांधने के लिए यहाँ आते हैं।

जमशेदपुर के कालूबागान इलाके में स्थित सूफी संत हजरत मिस्कीन शाह की मजार में हर दिन हाथों में पासपोर्ट की फोटोकॉपी लेकर लोग आते रहते हैं, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार के दिन यहां भीड़ काफी बढ़ जाती है। पासपोर्ट बाबा की मजार पर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि यह कोई अंधविश्वास नहीं है। लोगो की माने तो पासपोर्ट बाबा की मजार पर आने के बाद कई लोगों को विदेश में नौकरी मिली है। यहां आने वालों में सबसे ज्यादा तादाद उन लोगों की है जो नौकरी करने के लिए खाड़ी देशों या यूरोप जाना चाहते हैं।

मजार के संरक्षक पीर मोहम्मद का कहना है कि विदेश में नौकरी पाने वालों के अलावा मजार पर छात्र-छात्राएं या उनके अभिभावक भी परीक्षा के एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी पेड़ पर टांगने आते हैं जिससे रिजल्ट अच्छा आए। लोग नौकरी के लिए विदेशी कंपनियों में भेजे गए आवेदनों की प्रति भी पेड़ पर लटकाते हैं। उनका दावा है कि अब तक सैकड़ों युवक इसी तरीके से विदेशों में अच्छी नौकरियां पा चुके हैं।

लेकिन, अब लगता है कि अपनी हर समस्याओं के निराकरण का हल इन पेड़ों में ढूंढने लगे हैं। पेड़ में बंधी चिट्ठियों से समस्याओं का हल होता हो या नहीं, लेकिन लोगों में इसको लेकर आस्था ऐसी है कि हर तीन महीनों में दो हजार से तीन हजार नई चिट्ठियां यहां लटका दी जाती हैं।

इतना ही नहीं, यहां लटकाई जाने वाली चिट्ठियों में खुदा के नाम पैगाम भी होता है। नौकरियों की अर्जी यहां सबसे ज्यादा लगती है, लेकिन कुछ और दुख-दर्द भी लिखे जाते हैं इन चिटि्ठयों में। जो खत लटके हैं, उनमें से कुछ में लोगों ने अपने घर के हालात लिख रखे हैं। कुछ चि‍ट्ठियों बेटियों की शादी हो जाए, इसकी भी मिन्नत है। खत में किसी ने बीमारी दूर करने की गुजारिश लिखी है तो किसी ने लिखा है कि उसका पति शराब छोड़ दे।

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