नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण बीमार करने वाले स्तर को पार कर गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण में हो रही बढ़ोतरी की वजह से श्वास संबधी बीमारियों में इजाफा हो रहा है। तापमान में आई गिरावट और बढ़ते प्रदूषण की वजह से जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अंग्रेजी समाचार पत्र एचटी में AIIMS के डाक्टर जीसी खिलानी का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट दी गई है।
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बढ़ने लगे जुकाम और खांसी के मरीज
रिपोर्ट के मुताबिक AIIMS के डाक्टर जीसी खिलानी ने कहा कि उनके 80 प्रतिशत से ज्यादा मरीज जुकाम और खांसी की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि सिर्फ वृद्ध, बच्चों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में ही ये शिकायत नहीं है बल्कि स्वस्थ लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, उन्होंने बताया कि यह सब प्रदूषण से होने वाली एलर्जी जैसे लक्ष्ण हैं।
ये हैं प्रदूषण की मुख्य वजह
हवा में मौजूद पार्टिकल कण, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड की वजह से एलर्जी, खांसी, फेफड़ों का इंफेक्शन, ज्यादा ब्लड प्रेशर, दमा, बेचैनी, थकान और हृदय संबंधी रोक होते हैं, कई बार प्रदूषण की वजह से फेफड़े तक खराब हो सकते हैं। औसतन मनुष्य एक मिनट में लगभग 15 बार और एक घंटे में लगभग 900 बार सांस लेता है, ऐसे में अगर प्रदूषित हवा में ज्यादा देर सांस ली जाए तो इससे सेहत खराब हो सकती है।
घरेलू ईलाज से परहेज करें
ऐसे समय मे ज्यादा चिंताजनक तब होता है जब लोग बिना कुछ समझे खुद इलाज में लग जाते हैं, लोग संबधित बीमारी के लिए खुद दवाएं लेना शुरू कर देते हैं जबकि बीमारी की वजह इन्फेक्शन न होकर प्रदूषण है। ऐसी अवस्था में बीमारी को काबू करने के लिए एंटीबायोटिक का ज्यादा सेवन धातक हो सकता है।
अपना बचाव इस तरह से करें
ऐसे समय में डाक्टर सलाह दे रहे हैं कि सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर ज्यादा होता है तो बाहर न निकलें, जिनकी रोगों से लड़ने की क्षमता कम है वैसे लोग ज्यादा ट्रैफिक और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें। अगर घर मे रहते हैं तो ऐसे समय में अपने एयर कंडिशनर के पंखे को चालू रखें। घर को जब बंद रखते हैं तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं।