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'लालू परिवार ने जमीन हड़पने के नए-नए तरीके इजाद किए, पार्षद बनाने के लिए हड़पी जमीन'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 30, 2017 06:12 pm IST,  Updated : Aug 30, 2017 06:12 pm IST

सुशील मोदी ने कहा, "मोहम्मद शमीम और उसकी पत्नी सोफिया तबस्सुम से पहले तो पटना शहर की करोड़ों की जमीन का पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जमीन हथिया लिया।'

Sushil Modi- India TV Hindi
Sushil Modi

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार पर लगातार बेनामी संपत्ति को लेकर खुलासा कर रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लालू प्रसाद ने राज्यपाल कोटे से पार्षद बनाने के लिए एक दंपति से वसीयत ही अपने परिवारों के नाम करवा ली। सुशील मोदी ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कई दस्तावेजों के हवाले से बताया कि लालू प्रसाद ने जमीन हड़पने के नए-नए तरीके इजाद किए हैं। 

सुशील मोदी ने कहा, "मोहम्मद शमीम और उसकी पत्नी सोफिया तबस्सुम से पहले तो पटना शहर की करोड़ों की जमीन का पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जमीन हथिया लिया और इसके बाद इन दोनों से अपने पुत्रों तेजस्वी एवं तेज प्रताप के नाम से वसीयत भी करवा ली।" मोदी ने बताया कि 12 मई, 2005 को शमीम और सोफिया ने वसीयत में कहा है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी जमीन तेज प्रताप और तेजस्वी को दे दी जाए। 

वसीयत में तेजस्वी और तेज प्रताप के विषय में कहा गया है, "ये लोग मेरे भतीजे के समान हैं। वे और उनके पिता निष्ठा के साथ उनकी सेवा करते रहे हैं तथा उनकी मदद भी की है। इस सेवा और मदद से खुश होकर उनकी इच्छा है कि उनके पक्ष में वसीयत कर दिया जाए। ये लोग मेरी हमेशा देखभाल करते रहे हैं और उनकी इस सेवा से प्रसन्न होकर प्यार और स्नेह से अभिभूत होकर यह वसीयत कर रहे हैं।" इस अचल संपत्ति पर हमारे किसी वैधानिक उत्तराधिकारी या अन्य किसी का कोई कानूनी अधिकार नहीं होगा।

इस वसीयत के गवाह कुमार राकेश रंजन हैं, जो राजद के विधान पार्षद भी थे और लंबे समय तक राजद के कोषाध्यक्ष भी थे। सोफिया के वसीयत में मोहम्मद शमीम गवाह हैं। सुशील मोदी ने दावा किया कि मोहम्मद शमीम और सोफिया तबस्सुम ने एक ही दिन यानी 12 मई, 2005 को सगुना, दानापुर के विजय बिहार को-ऑपरेटिव स्थित 3335 वर्गफीट के दो भूभाग का पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी को पॉवर ऑफ अटार्नी भी दिया और उसी दिन तेज प्रताप और तेजस्वी को वसीयत भी कर दिया।

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "शमीम और उनकी पत्नी ने अपनी तीन संतानों के नाम मृत्यु के बाद संपत्ति देने की वसीयत न कर तेजस्वी और तेज प्रताप के नाम क्यों कर दी? आखिर तेजस्वी और तेज प्रताप ने 15 साल की उम्र में शमीम दंपति की क्या सेवा की और उनके पिता लालू प्रसाद ने क्या मदद की, जिससे प्रसन्न होकर उनको करोड़ों की संपत्ति वसीयत कर दी?" सुशील मोदी ने दावा करते हुए आरोप लगाया कि शमीम को राज्यपाल कोटे से पार्षद बनाने के एवज में लालू परिवार ने करोड़ों की जमीन वसीयत के माध्यम से अपने नाम करवा ली। 

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