पटना: RJD प्रमुख लालू प्रसाद ने पटना शहर के सगुना मोड के पास दो एकड़ से अधिक के एक भूखंड को बेनामी संपत्ति के रूप में हासिल करने के BJP के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए आज कहा कि जमीन को नियम एवं विधि सम्मत तरीके से हासिल किया गया है। वहीं सुशील ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेनामी संपत्ति की जांच करवाने और लालू के दोनों पुत्रों तेज प्रताप यादव तथा तेजस्वी यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।
सुशील के आरोपों पर पांच दिन बाद आज अपनी चुप्पी तोड़ते हुए लालू ने आज दावा किया कि उक्त संपत्ति उनके परिवार के सदस्यों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत हस्तगत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार और बेतुका है कि उक्त जमीन हस्तगत किए जाने के बदले हमने अपने रेलमंत्रित्व काल के दौरान हर्ष कोचर को रांची और पूरी में रेलवे का होटल आवंटित कराया था।
यह पूछे जाने पर कि उक्त भूखंड और उसपर निर्माणाधीन मॅाल किसका है, लालू ने कहा कि वह उस कंपनी का है जिसमें शेयरधारक उनकी पत्नी राबड़ी देवी तथा उनके दोनों पुत्र तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव हैं। वह इसे अपने संपत्ति ब्योरे में दर्शाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मॅाल का आधा हिस्सा उसका निर्माण कराने वाली कंपनी तथा बाकी उक्त कंपनी का है।
उल्लेखनीय है कि गत सात अप्रैल को सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि 25 फरवरी 2005 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने हर्ष कोचर को रेलवे के दो होटल रांची और पूरी के बदले पटना के सगुना मोड के पास दो एकड़ से ज्यादा जमीन बेनामी तरीके से डिलाईट मार्केंटिंग प्रा0 लि0 के नाम रजिस्ट्री करवा ली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि डिलाईट कंपनी के डायरेक्टर राजद के पांच बार राज्यसभा सदस्य रहे प्रेम चन्द गुप्ता थे जिनकी कंपनी डिलाईट के नाम से उक्त जमीन रजिस्ट्री करायी गयी।
सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि डिलाईट मार्केटिंग का नाम बदलकर 12 नवम्बर 2016 लालू राबड़ी के नाम पर लारा प्रोजेक्टस एलएलपी कर दिया गया और नयी कम्पनी के माध्यम डिलाईट कंपनी पर लालू परिवार का पूरा कब्जा हो गया और 14 फरवरी 2017 से लालू की पत्नी राबड़ी देवी एवं उनके दोनों पुत्र तेजस्वी और तेज उसके डायरेक्टर हो गए।
लागू की मौजूदगी में आज संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रेम चन्द गुप्ता ने उक्त संपत्ति पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस संपत्ति में उनके परिवार का कोई सदस्य पार्टनर नहीं है और इसमें राबडी देवी और उनके दोनों पुत्र पार्टनर्स हैं।
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने इस संपत्ति को क्यों लालू के पत्नी और उनके पुत्रों को हस्तगत किया प्रेमचंद ने कहा कि वर्ष 2008 में इस मामले पर सवाल उठाए जाने पर कंपनी के बोर्ड अॅाफ डाइरेक्टर्स में शामिल लोगों ने फैसला किया कि वे इस संपत्ति को आगे नहीं रखना चाहते और इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढाना चाहते।
लालू द्वारा आज किए गए खुलासे पर उनपर पलटवार करते हुए सुशील ने आरोप लगाया कि लालू के प्रेस कांफ्रेंस का सार यह है कि उन्होंने बेनामी और कालेधन को वैध तरीके से सफेद कर लिया है। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मेरे सभी आरोपों को लालू प्रसाद ने स्वीकार कर लिया है।
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