देहरादून: मानसून शुरू होने के साथ ही उत्तराखंड में भारी आपदा शुरू हो गई है। उत्तराखंड के तीन जिलों में अलग अलग जगह बादल फटने की घटना हुई है जिससे जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बादल फटे जिसके बाद आए मलबे से कई मकान जमींदोज हो गए। रात के समय घरों में सो रहे लोग मलबे में दब गए। अब तक 30 लोगों की मौत की हो चुकी है, उफान के साथ आए मलबे में से 12 लोगों के शवों को बाहर निकाला गया है।
लोगों को सुरक्षित स्थान में जाने को कहा
प्रशासन ने घाट के आपदा प्रभावित करीब डेढ़ सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। अधिकतर लोगों ने अस्पताल और स्कूल भवन में शरण ली है। कोठियालसैंण गांव में 15 लोगों को सरकारी भवन में ठहराया गया है।
हरिश रावत ने किया मुआवजे ऐलान
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घटना में मारे गए लोगों के प्रति गहरा दुख जताया है और उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की राहत देने की घोषणा की है।
यात्रा पर लगी रोक
इस आपदा के कारण हुई जान-माल की हानि को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ की यात्रा पर रोक लगा दी गई है।