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ठाणे में नाथूराम गोडसे का स्मारक नहीं बनने देगी महाराष्ट्र सरकार

 Written By: IANS
 Published : May 22, 2017 03:55 pm IST,  Updated : May 22, 2017 03:56 pm IST

महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह ठाणे जिले में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के स्मारक के निर्माण को रोकने के लिए कदम उठाएगी। विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य संजय दत्त ने रविवार को परिषद के विशेष सत्र में औचित्य के प्रश्न के तौर प

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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह ठाणे जिले में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के स्मारक के निर्माण को रोकने के लिए कदम उठाएगी। विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य संजय दत्त ने रविवार को परिषद के विशेष सत्र में औचित्य के प्रश्न के तौर पर यह मुद्दा उठाने के बाद राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ने यह आश्वासन दिया।

सत्र का आयोजन वस्तु एवं सेवा कर विधेयक (जीएसटी) पारित करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एआईएचएम) सपार्दे गांव में स्मारक का निर्माण करने की योजना बना रही है। दत्त ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि 'सबका साथ सबका विकास' के वादे पर सत्ता में आने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का नकाब उतर रहा है और उसका असली चेहरा सामने आ रहा है।

दत्त ने कहा, "दरअसल उनके 'मुंह में राम दिल में नाथूराम' है। गांधीजी की हत्या करने वाली फासीवादी ताकतें अब उनके आदर्शो और शिक्षाओं को कुचलने के लिए सिर उठा रही हैं और सरकार इसके प्रति आंखें मूंद कर बैठी है।" दत्त ने स्मारक स्थापित करने की योजना को प्रगतिशील महाराष्ट्र पर एक कलंक करार देते हुए कहा कि इसका बेहद गलत संदेश देश और दुनिया में जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अन्य धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि चाहे जो भी हो, लेकिन ऐसा न हो पाए।

दत्त ने सरकार से इस स्मारक के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और इसके दोषियों और इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने में नाकाम रहे संबंधित प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। सदन के अध्यक्ष रामराजे निम्बालकर ने सरकार को जवाब देने का आदेश दिया, जिस पर पाटील ने कहा कि किसी स्मारक के निर्माण से पहले कई अनुमतियां लेनी जरूरी होती हैं और राज्य सरकार ने कोई अनुमति नहीं दी।

पाटिल ने निम्बालकर को आश्वासन दिया कि दत्त ने सदन में मामले की जानकारी सदन को दी है, इसलिए सरकार मामले की जांच करेगी और अगर स्मारक का निर्माण शुरू हो गया है, तो उसे रोकने के कदम उठाएगी।

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