सूरत: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते कनु रामदास गांधी का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने सूरत के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 87 साल के थे।
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बता दें कि पिछले महीने की 22 तारीख को सूरत में वे कार्डिएक अरेस्ट के शिकार हो गए थे। इसके चलते उनके शरीर का बायां हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था और वे कोमा में चले गए थे। पिछले कई दिनों से सूरत के अस्पताल में वेंटीलेटर पर थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कनु भाई के निधन पर दुख जताया।
कनु भाई गांधी की कोई संतान नहीं है। कनु भाई नासा में वैज्ञानिक भी रह चुके हैं और 25 साल तक नासा की सेवा की। चार दशक बाद 2014 में स्वदेश लौटने के बाद उनके हालात बुरे हो गए। एक समय ऐसा आया जब वह दिल्ली के ‘गुरु विश्राम वृद्धा आश्रम’ में छह महीने तक रहने के लिए मजबूर हो गए थे।