दादी की श्रद्धा, पोते की मासूमियत, और ढोलक की ताल वाला यह वीडियो इतना प्यारा है कि ये हर उम्र के लोगों को पसंद आ रहा है। वीडियो में पोते की हंसी और उसकी ढोलक की थाप हर किसी के दिल को छू रही है।
मुंबई से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक पोता अपनी ही बूढ़ी दादी को कूड़े के ढेर में फेंक कर फरार हो गया।
अपने पारंपरिक धोती-कुर्ते में दादा जी दुबई मॉल में टहलते दिखे। इस दौरान उनका स्वैग देख लोग हैरान रह गए और उनकी तस्वीर अपने फोन के कैमरों में कैद करने लगे। वायरल हो रहा यह वीडियो दिल को छू लेने वाला है।
झुंझुनूं के लादूसर गांव में एक दादा ने अपने दो पोतों की हत्या कर दी और खुद खेत में लगे ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
एक 65 वर्षीय विधवा महिला ने आर्थिक तंगी के चलते अपने पोते को महज 200 रुपये में बेच दिया। बुजुर्ग महिला के पास न घर, ना ही जमीन थी और न ही कोई सरकारी सहायता मिल रही थी।
मृतक अतुल सुभाष के पिता पवन कुमार मोदी ने बेटे की आत्महत्या के मामले में गंभीर सवाल किए हैं। उन्होंने तीन लोगों की गिरफ्तार पर कहा कि आरोपी का जज भी भ्रष्ट था। उन्हें अभी भी न्याय नहीं मिला है।
एक शख्स 5 साल बाद तिहाड़ जेल से अपने घर लौटता है। जिसके बाद उसे देखकर उसकी दादी इतनी भावुक हो जाती है कि उसे खूब प्यार करने लगती हैं।
पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है उसमें बीजेपी विधायक के पोते विजय ने अपने माता-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्यों से माफी मांगी है और भाई को लिखा है कि मम्मी-पापा का ध्यान रखना। इसके अलावा उसने अपने दोस्तों को लेकर भी कई बातें लिखी हैं।
लाल बहादुर शास्त्री के पोते विभाकर शास्त्री ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और आज ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
अपनी दादी आशा भोसले के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा "मुझे एक बात अच्छी तरह से पता है, तो यह है - केवल एक आशा भोसले है और वह उसकी विरासत की वाहक है। मैं इसके करीब भी नहीं आता।
महात्मा गांधी के पड़पोते सतीश धुपेलिया का कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रविवार को जोहानिसबर्ग में निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे और तीन दिन पहले ही उनका जन्मदिन था। उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी थी।
अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी बॉलीवुड में जल्द ही कदम रखने जा रहे हैं। उन्होंने अपने दादा की सलाह के बारे में खुलासा किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने बृहस्पतिवार को कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ता चाहते थे कि उनके पोते निखिल कुमारस्वामी और प्रज्वल रेवन्ना क्रमश: मांड्या और हासन लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ें।
राजकोट में पूर्व विधायक के पोते ने की फायरिंग
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