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राहु-केतु के बुरे प्रभावों को दूर करता है ये रत्न, इसे पहनने से करियर और आर्थिक पक्ष में दिखते हैं चमत्कारी बदलाव

राहु और केतु दो ऐसे ग्रह हैं जिनकी खराब स्थिति आपके जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकती है। वहीं एक ऐसा रत्न भी है जो इन दोनों ग्रहों की स्थिति को सुधार कर आपके जीवन में सकारात्मकता ला सकता है। आज हम आपको इसी रत्न के बारे में जानकारी देंगे।

Written By: Naveen Khantwal
Published : Jan 03, 2026 10:32 am IST, Updated : Jan 03, 2026 10:32 am IST
Rahu-Ketu - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV राहु-केतु को सुधारने का रत्न

ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को मयावी ग्रह माना जाता है। इन दोनों ग्रहों की खराब स्थिति आपके जीवन में परेशानियां पैदा कर सकती है। हालांकि, एक ऐसा रत्न है जो के साथ ही शनि के बुरे प्रभावों को भी दूर कर सकता है। इस रत्न का नाम है लाजवर्त और इसे पहनने से आपको जीवन में बेहतरीन बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आज हम आपको इसी रत्न के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। 

कौन पहन सकता है लाजवर्त रत्न?

लाजवर्त रत्न पहनने से पहले आपको यह मालूम होना चाहिए कि ये आपके लिए शुभ है या नहीं। अगर आपकी राशि मकर और कुंभ है तो आप इसे धारण करके शुभ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। वहीं तुला राशि के जातकों के लिए भी यह रत्न शुभ साबित होता है। अगर आपकी कुंडली में शनि, राहु-केतु की स्थिति शुभ है तो आप यह रत्न धारण करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। राहु-केतु की महादशा में भी ये रत्न पहनना शुभ होता है। हालांकि इसे धारण करने से पहले आपको किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। 

रत्न

Image Source : FREEPIK
रत्न

लाजवर्त पहनने से मिलते हैं ये फायदे

लाजवर्त रत्न को पहनने से आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होती है साथ ही आपकी सेहत में भी अच्छे बदलाव देखने को  मिलते है। लाजवर्त पहनने से गले, हड्डियों और पेट से जुड़ी परेशानियों से आपको मुक्ति मिलती है। इस रत्न के प्रभाव से राहु-केतु के साथ ही शनि के बुरे प्रभाव भी दूर होने लगते हैं। आपको जीवन में सकारात्मकता आती है और करियर के क्षेत्र में आप उन्नति प्राप्त करते हैं। साथ ही आपका आर्थिक पक्ष भी सुधरता है। इसके साथ ही रचनात्मक कार्यों में आपको सफलता मिलती है। यह रत्न राहु-केतु के बुरे प्रभाव को दूर करता है इसलिए आपके जीवन में आने वाली अड़चनें भी दूर होती हैं। 

लाजवर्त पहनने के नियम

लाजवर्त रत्न शनिवार को सूर्यास्त के बाद धारण करना शुभ माना जाता है। आप लोहे, स्टील या पंचधातु की अंगूठी में लाजवर्त को गढ़ाकर धारण कर सकते हैं। इस रत्न को धारण करते समय शनि और राहु-केतु के मंत्रों का जप करना शुभ माना जाता है। इस रत्न को मध्यमा उंगली पर धारण आपको करना चाहिए। इसके साथ ही आप गले में भी लाजवर्त रत्न को धारण कर सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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