बाजार में तरह-तरह का आटा उपलब्ध है। हर आटे में अलग-अलग पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में लोग अक्सर कंफ्यूज रहते हैं कि हमारी सेहत के लिए कौन सा आटा सबसे अच्छा होता है। खासकर तब जब बेसन का आटा और सोयाबीन का आटा की बात हो। ये दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इन दोनों तरह के आटे में अलग अलग पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं बेसन का आटा और सोयाबीन का आटा में सेहत के लिए कौन सा सबसे ज्यादा फायदेमंद है।
सोयाबीन का आटा के फायदे
प्रोटीन का पावरहाउस: इसमें बेसन की तुलना में लगभग दोगुना प्रोटीन होता है। यह जिम जाने वालों और शाकाहारियों के लिए मांसपेशियों को बनाने का सबसे अच्छा स्रोत है।
लो-कार्ब डाइट: अगर आप वजन घटाना चाहते हैं या कीटो डाइट पर हैं, तो सोयाबीन का आटा बेहतर है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट कम होते हैं।
हड्डियों और हृदय के लिए: इसमें 'आइसोफ्लेवोन्स' होते हैं जो महिलाओं में हार्मोनल संतुलन और हड्डियों की मजबूती के लिए अच्छे माने जाते हैं।
बेसन का आटा के फायदे
पचने में आसान: सोयाबीन की तुलना में बेसन को पचाना अक्सर आसान होता है। कुछ लोगों को सोयाबीन से गैस या भारीपन महसूस हो सकता है।
स्वाद: भारतीय व्यंजनों (जैसे चीला, कढ़ी, पकोड़े) में बेसन का स्वाद और बाइंडिंग सोयाबीन के आटे से कहीं ज्यादा बेहतर होती है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स: बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित बनाता है, हालांकि सोयाबीन का GI इससे भी कम होता है।
कौन सा है बेस्ट
यदि आप वजन कम करना चाहते हैं या मसल्स बनाना चाहते हैं तो सोयाबीन का आटा ज्यादा फायदेमंद है।
यदि आप रोजमर्रा के खाने में स्वाद और आसानी से पचने वाला विकल्प चाहते हैं तो बेसन एक बेहतरीन विकल्प है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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