नई दिल्ली: 9,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कर्ज में डूबे शराब कारोबारी विजय माल्या के गोवा स्थित 'किंगफिशर विला' को बैंकर्स संघ 'एसबीआई कैप्स' ने शुक्रवार को अपने कब्जे में ले लिया। इस बंगले पर सरफेसी कानून के तहत कब्जा लिया गया है। प्राप्त खबरों के अनुसार एसबीआई कैप ने नार्थ गोवा के कलेक्टर से माल्या के बंगले, किंगफिशर विला पर कब्जे की अनुमति मांगी थी। इसके लिए अनुमति बीते बुधवार को ही मिल गई थी।
विला पर लगे नोटिस में कहा गया है, उत्तरी गोवा के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड इनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट की धारा 13 4 के तहत यह संपित्त एसबीआई कैप कंपनी के कब्जे में है। जिला प्रशासन के अधिकारी एसबीआई कैप्स के अधिकारियों के साथ विला भी देखने गए। कलेक्टर ने बुधवार को एसबीआई की अगुवाई वाले 17 बैंकों के समूह के पक्ष में आदेश जारी किया था। बैंकों से किंगफिशर एयरलाइंस के लिए कर्ज लेते समय इस विला को गिरवी रखा गया था।
इस विला की कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। हालांकि माल्या की तीन कंपनियों ने इस पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि कर्ज लेने के दौरान इस विला को कर्जदाता के पास गिरवी रखा गया था। माल्या का ये विला गोवा में उनकी पार्टियों के लिए मशहूर था।
शुक्रवार को इसके 12 अधिकारियों ने बंगले पर जाकर कब्जा लिया और इसके बाहर एसबीआई कैप ट्रस्टी कंपनी का होर्डिंग लगा दिया। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक ने मुंबई स्थित किंगफिशर एयरलाइंस के मुख्यालय का भी कब्जा लिया है। हालांकि इसे नीलाम करने की कोशिश कामयाब नहीं हुई क्योंकि बैंक ने इसकी रिजर्व प्राइस 150 करोड़ रुपये रखी थी। इतनी ऊंची रिजर्व प्राइस पर कोई बोली लगाने को तैयार नहीं हुआ। माल्या के गोवा वाले बंगले की कीमत 90 करोड़ रुपये के आसपास बतायी जा रही है।
स्टेट बैंक ने विजय माल्या और उनकी कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज को पहले ही विलफुल डिफाल्टर घोषित कर दिया है। बैंक की नजर माल्या के मुंबई और बंगलूरू स्थित आलीशान बंगलों पर भी है। इनमें सबसे मशहूर और महंगा गोवा का किंगफिशर विला है। भारतीय स्टेट बैंक के प्रवक्ता से अमर उजाला ने इस खबर पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की लेकिन उन्होंने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि बैंक किसी एक ग्राहक से संबंधित मामले पर प्रतिक्रिया नहीं देता।