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प्याज खरीद के बाद मप्र. सरकार के गोदाम ठसाठस भरे, नीलामी की तैयारी

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 24, 2016 05:06 pm IST,  Updated : Jun 24, 2016 05:08 pm IST

इंदौर: प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी तरह के संभवत: पहले फैसले के तहत इस सब्जी की 9,36,000 क्विंटल से ज्यादा

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इंदौर: प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी तरह के संभवत: पहले फैसले के तहत इस सब्जी की 9,36,000 क्विंटल से ज्यादा की खरीद की है। इस प्याज को खुले बाजार में नीलाम करने के लिये टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है।

किसानों से प्याज खरीदने का जिम्मा मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को दिया गया है। मार्कफेड के महाप्रबंधक (खरीद) योगेश जोशी ने आज बताया कि चार जून से अब तक प्रदेश के 36,136 किसानों से छह रपये प्रति किलोग्राम की दर पर 9,36,254 क्विंटल प्याज की खरीद की गयी है।

उन्होंने बताया कि प्याज खरीदने के लिये सूबे के 40 जिलों में 71 केंद्र बनाये गये थे। इनमें से उन 13 जिलों में प्याज की सरकारी खरीद एक उच्चस्तरीय समिति के तय मानकों के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में बंद कर दी गयी, जहां अब तक 30 मिलीमीटर से ज्यादा मॉनसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है। अन्य जिलों में प्याज की सरकारी खरीद जारी है।

सरकारी अफसर ने दावा किया कि प्रदेश में प्याज के भंडारण के माकूल इंतजाम किये गये हैं। लेकिन जब उनसे नीमच में किसानों से खरीदे गये प्याज के वेयर हाउस में भंडारण की कथित बदइंतजामी से बड़ी मात्रा में सड़ने की खबरों पर प्रतिक्रिया मांगी गयी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। बहरहाल, किसानों से प्याज की खरीद के बाद सरकारी गोदाम ठसाठस भर गये हैं। मॉनसूनी बारिश का दौर शुरू होने के मद्देनजर प्रदेश सरकार प्याज को जल्द से जल्द नीलाम कर देना चाहती है, ताकि इस सब्जी को खराब होने से बचाया जा सके।

योगेश जोशी ने बताया कि किसानों से खरीदे प्याज को खुले बाजार में नीलाम करने के लिये आज टेंडर जारी कर दिये गये। टेंडर जमा करने की आखिरी तारीख 30 जून है। गोदामों में जमा प्याज को जहां है, जैसा है की स्थिति में नीलाम किया जायेगा।

सूबे में प्याज की बम्पर पैदावार के बाद मई में थोक मंडियों में इस सब्जी के भाव इस कदर गिर गये थे कि किसानों के लिये खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति से नाराज किसानों ने विरोधस्वरूप सड़क पर प्याज फेंकने शुरू कर दिये थे। इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक जून को घोषणा की थी कि प्रदेश सरकार कृषकों को घाटे से बचाने के लिये छह रपये प्रति किलोग्राम की दर से यह सब्जी खरीदेगी।

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