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स्वतंत्रता दिवस पर “आप” के हो सकते हैं नवजोत सिंह सिद्धू

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 28, 2016 10:52 pm IST,  Updated : Jul 28, 2016 10:52 pm IST

नवजोत सिंह सिद्धू अगस्त के दूसरे हफ्ते में संभवत: 15 अगस्त को आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस महीने की शुरूआत में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी और बाद में भाजपा पर जमकर निशाना साधा था।

 Navjot Singh Sidhu- India TV Hindi
Navjot Singh Sidhu

नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू अगस्त के दूसरे हफ्ते में संभवत: 15 अगस्त को आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस महीने की शुरूआत में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी और बाद में भाजपा पर जमकर निशाना साधा था। 52 साल के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी पंजाब भाजपा के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने निजी हित साधने के लिए उनसे पंजाब से दूर रहने को कहा था।

आप के सूत्रों ने कहा कि सिद्धू अगले महीने संभवत: अगस्त के दूसरे हफ्ते में पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त एक संभावित तारीख है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उससे पहले सिद्धू को एक स्टार प्रचारक के तौर पर पेश किया जा सकता है। सिद्धू की पत्नी के भी आप में शामिल होने की संभावना है। आप के संविधान के अनुसार एक परिवार के दो सदस्य एक साथ पार्टी में पदाधिकारी नहीं हो सकते हैं और न ही चुनाव लड़ सकते हैं।आप पंजाब में सत्तारूढ़ शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है और उसे उम्मीद है कि सिद्धू की लोकप्रियता से राज्य में उसकी संभावनाएं बढ़ जाएगी।

आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के सिद्धू के फैसले का स्वागत करते हुए उसे साहसिक फैसला बताया था और साथ ही सिद्धू को एक अच्छा आदमी कहा था। हालांकि सिद्धू ने अब तक अपनी योजनाओं का खुलासा नहीं किया है। इससे पहले इस हफ्ते सिद्धू ने एक संवाददाता सम्मेलन में आप में शामिल होने के सवाल पर कुछ नहीं कहा था।

उन्होंने कहा था कि जहां भी पंजाब के हितों पर ध्यान दिया जाएगा, वह वहां खड़े होंगे। सिद्धू ने आरोप लगाया था कि निजी हितों की पूर्ति के लिए उन्हें पंजाब से दूर रहने के लिए कहा गया था। उन्होंने यह आरोप लगाकर परोक्ष रूप से यह इशारा किया था कि भाजपा अपनी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के दवाब में काम कर रही है। सिद्धू अकालियों के विरोध में रहे हैं जिन्होंने उन पर अवसरवादी होने का आरोप लगाया है। अकाली दल का कहना था कि सिद्धू जैसे भगोड़े नेताओं के लिए राज्य की राजनीति में कोई स्थान नहीं और लोग उन्हें सबक सिखाएंगे। यद्यपि भाजपा का कहना है कि सिद्धू ने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है।

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