1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ‘इशरत जहां मामले में PM और अमित शाह को बदनाम करने की कोशिश हुई’

‘इशरत जहां मामले में PM और अमित शाह को बदनाम करने की कोशिश हुई’

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 16, 2016 03:20 pm IST,  Updated : May 16, 2016 03:27 pm IST

नितिन गडकरी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमे कहा गया था कि एनआईए ने मालेगांव बम धमाकों में साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट भाजपा नीत एनडीए सरकार के दबाव में दी थी।

Nitin Gadkari
- India TV Hindi
Nitin Gadkari

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमे कहा गया था कि एनआईए ने मालेगांव बम धमाकों में साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट भाजपा नीत एनडीए सरकार के दबाव में दी थी। उन्होंने कहा कि इसके उलट उन्हें (साध्वी) झूठे आरोपों में 8 साल तक जेल की सलाखों के पीछे रखा गया।

इंडिया टीवी के मेगा कान्क्लेव शो संवाद में गडकरी ने कहा, “इशरत जहां मुठभेड़ मामले में झूठा हलफनामा पेश किया गया और इस पर मीडिया के एक धड़े ने बात तक नहीं की। एक निर्दोष साध्वी प्रज्ञा को 8 साल तक जेल की सलाखों के पीछे रखा गया और ये सब वोट बैंक की राजनीति के लिए किया गया। कांग्रेस जवाबों के साथ सामने क्यों नहीं आती है? जबकि डेविड कोलमैन हेडली ने अमेरिक से कहा कि इशरत एक आतंकवादी थी। क्या हेडली आरएसएस का स्वयंसेवक था? कोई भी इस बारे में बात नहीं करता है।”

यूपीए सरकार पर बोले गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा, “उस समय यूपीए सरकार के गृह मंत्री ने क्या किया? उन्होंने इशरत जहां मामले में झूठे हलफनामें दाखिल किए। उन्होंने समझौता एक्सप्रेस मामले में झूठे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हमारी सरकार में पुलिस और न्यायपालिक बिना किसी पक्षपात के काम कर रही है, हमने तंत्र को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की है। हिंदुत्व समर्थक संगठनों को बदनाम करने की कोशिश की गई। इशरत जहां मामले में झूठे हलफनामें दाखिल कर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की छवि को खराब करने की कोशिश हुई। सरकार बदलने पर ये सारी चीजें बेपर्दा हो गईं। साध्वी प्रज्ञा के मामले में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर कार्यवाही हुई। खुशी होनी चाहिए कि अब न्याय मिल रहा है।” 

उन्होंने कहा कि इशरत जहां मामले में झूठे आरोपों के चलते एक सीनियर पुलिस ऑफिसर का करियर बर्बाद कर दिया गया। अमित शाह पर झूठे आरोप लगाए गए, क्या देश को ऐसे विषयों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए? अमित शाह ने यहां पर कहा कि कुछ लोगों को सहन नहीं हो रहा है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन तमाम विरोधों के बाद वो हमारा बाल भी बांका नहीं कर सके और नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं।

इस पर जब सवाल पूछा गया कि आप दिल्ली में तो चुनाव हार गए, तो उन्होंने कहा, “चुनाव में हार जीत चलती रहती है...हम कोई अमरत्व लेकर नहीं आए कि हम हर चुनाव जीते..पर ये सच्चाई है कि लोकसभा के चुनाव में ऐसे कितने चैनल थे कितने पत्रकार थे जो लेफ्टिस्ट विचारधारा के थे संघ और हिन्दुत्व विचारधारा के विरोधी थे। उन्होंने क्या नहीं किया। सब कुछ किया, झूठी बातें दिखाई गई। आज हमे बताओ नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने इशरत जहां एनकाउंटर केस में जिस पुलिस अधिकारी को आप ने जेल में डाला, उनका जीवन बर्बाद किया, अमित शाह पर के ऊपर झूठा केस डाला, बताइए झूठा केस डालकर फंसाने की कोशिश की गई, क्या उनके बारे में देश में चर्चा नहीं होगी? जिनको फंसाया गया, जिनके साथ अन्याय किया गया। जेल में रखा गया, जो निर्दोष थे, उनके निर्दोष साबित होने पर चर्चा क्यों नहीं हुई?  कानून अपना काम करेगा, पुलिस अपना काम करेगी..स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायसंगत ज्यूडिशियरी और उसी प्रकार की पुलिस व्यवस्था रहेगी। हमारे तरफ से किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।”

अगली स्लाइड में पढ़ें पीएम मोदी पर क्या बोले गडकरी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत