नई दिल्ली: अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में अब कोई सदस्य नहीं बचा है। आयोग के अंतिम सदस्य दादी ई मिस्त्री ने तीन साल का अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बाद आज अपना पद छोड़ दिया। वह पारसी समुदाय से हैं।
इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि रिक्तियां भरने की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस की अगुवाई वाली पिछली संप्रग द्वितीय सरकार के दौरान आयोग में नियुक्त किए गए सात सदस्यों में छह नौ सितंबर, 2015 से इस साल मार्च तक सेवानिवृत हो गए।
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इस साल 26 जनवरी को आयोग के सदस्य पद से सेवानिवृत हुए कैप्टन प्रवीण डावर ने इस पैनल में कोई सदस्य के नहीं बचने पर कहा कि अल्पसंख्यक समुदायो की शिकायतों के समाधान के लिए आयोग में कोई प्रणाली नहीं रही। अविलंब नए सदस्यों के लिए सरकार पर दबाव बनाते हुए डावर ने सांसदों से भी यह मुद्दा उठाकर सरकार पर दबाव बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने सरकार से पूर्व अध्यक्ष नसीम अहमद को फिर से आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने का भी आह्वान किया ताकि वह नये सदस्यों का मार्गदर्शन कर सकें एवं नए सदस्यों को देशभर से आने वाली शिकायतों के निबटान के समय उलझन न हो। अहमद पिछले हफ्ते सेवानिवृत हुए थे।