दमन: पाकिस्तान में पकड़े गए और जेल में बंद भारतीय मछुआरों को उनके रिश्तेदारों की ओर से भेजे गए पार्सलों को पड़ोसी देश के अधिकारी वापस भेज रहे हैं। नियंत्रण रेखा के पार आतंकी अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दोनों देशों के संबंधों में आई खटास के बाद पाकिस्तानी अधिकारी ऐसा कर रहे हैं।
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मत्स्य पालन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले नौ महीनों के दौरान पाकिस्तान नौवहन एजेंसी (पीएमएसए) ने अतंराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास से गुजरात के 438 और दीव के 51 मछुआरों को पकड़ा था जिनमें से ज्यादातर को कराची की जेलों में रखा गया है।
दीव के मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी शुकर अंजानी ने बताया कि मछुआरों के रिश्तेदार कराची जेल में मछुआरों को खत, मेवे, टूथपेस्ट, कपड़े, दवाइयां, पानमसाला के पार्सल भेजते थे। पहले जेल अधिकारी इन पार्सलों को स्वीकार कर लिया करते थे, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जब से दोनों देशों के रिश्ते खराब हुए हैं तब से पार्सल वापस लौटाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ दीव का नहीं है। वहां जेल में बंद सभी मछुआरों के रिश्तेदार इस स्थिति का सामना कर रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गुजरात और दीव के मछुआरों के रिश्तेदारों ने ऐसे कई पार्सल भेजे थे जो वापस आ गए हैं क्योंकि उसे स्वीकार नहीं किया गया था।
दीव के कलेक्टर परिमल जानी ने बताया कि हमें पाकिस्तानी जेलों में बंद मछुआरों के संबंधियों की शिकायत मिली है। जो पार्सल वापस आए हैं उनपर कराची जेल की मुहर लगी है जिसका मतलब है कि वे वहां तक पहुंचे थे और फिर वापस भेजे गए।