पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी फिर आतंकवाद पर लगाम लगाने की बात से पलट गया है। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को दावा किया था कि उसने आतंकी संगठन जैश के बहावलपुर स्थित मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस परिसर को मसूद अजहर का आतंकी मुख्यालय माना जाता रहा है।लेकिन अब वह खुद अपने ही दावे से मुकर गई है। सरकार का कहना है कि इस परिसर का जैश ए मुहम्मद आतंकी संगठन से कोई लेना देना नहीं है जिसने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली है। पाक सरकार का कहना है कि ये सिर्फ एक मदरसा है।
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एक वीडियो मैसेज में पाकिस्तानी सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने शनिवार को उन भारतीय मीडिया रिपोर्ट को मनगढ़ंत करार दिया, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय का प्रशासनिक नियंत्रण पाकिस्तान सरकार द्वारा अपने हाथ में लिए जाने की बात कही जा रही है। मंत्री ने दावा किया कि वह केंद्र एक मदरसा है। सरकार के कदम का कश्मीर में आत्मघाती हमले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद सिर्फ मदरसास्तुल साबिर और जामिया-ए-मस्जिद सुभानल्लाह को सरकार ने अपने कब्जे में लिया है। यह नेशनल एक्शन प्लान का हिस्सा है। इसका जैश से कोई लेना देना नहीं है।
इस इमारत को जैश का मुख्यालय बताने वाले अपने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा कि यह एक मदरसा है और भारत इसे जैश का मुख्यालय बताकर दुष्प्रचार कर रहा है। इससे पहले सूचना मंत्री ने कहा था कि लाहौर से 400 किमी. दूर बहावलपुर स्थित जैश के मुख्यालय को पंजाब सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है। पिछले लंबे समय में यह पहला मौका है जब पाकिस्तान ने इसे जैश का मुख्यालय माना था।
बता दें 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिल पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।