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राजौरी में शहीद हुए संभल के सुदेश कुमार, परिवार को चाहिए 'बदला'

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 17, 2016 06:34 pm IST,  Updated : Oct 17, 2016 06:35 pm IST

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तान की गोली से शहीद सुदेश कुमार को सेना ने आज आखिरी सलामी दी। शहीद का शव अब उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। शहीद के परिवार में शहादत की खबर

sudesh kumar- India TV Hindi
sudesh kumar

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तान की गोली से शहीद सुदेश कुमार को सेना ने आज आखिरी सलामी दी। शहीद का शव अब उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। शहीद के परिवार में शहादत की खबर मिलने के बाद ही शोक है। शहीद के परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस शहादत का पाकिस्तान से बदला लिया जाए।

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कायर पाक फौज ने छिपकर चलाई गोली

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पाकिस्तानी सैनिकों ने रविवार को एक बार फिर नियंत्रण रेखा से सटे भारतीय ठिकानों पर गोलीबारी की और हमारे एक जवान पर निशाना साधकर गोली चलाई। शहीद सुदेश कटारिय़ा राजौरी से लगी एलओसी के तारकुंडी इलाके में तैनात थे। पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में सुदेश कटारिया के गर्दन के पास गोली लगी। शहीद सुदेश कटारिया 6 राजपूत रेजीमेंट में थे।

2 साल पहले हुई थी शादी

सुदेश कटारिया के शहीद होने की खबर उनके घरवालों को रात में ही मिल गई थी। शहादत की खबर सुनते ही पूरा गांव शोक में डूब गया और शहीद सुदेश कटारिया के परिवार का कोई भी सदस्य पूरी रात सो नहीं सका। 2 साल पहले ही उनकी शादी कविता से  हुई थी। उनकी 6 माह की बेटी भी है। सरहद की हिफाजत में लगे सुदेश कटारिया हर बेटी की आवाज सुनने के लिए फोन करते थे। उनको बेटी के साथ वक्त बिताने का काफी कम समय मिला था।

शहीद के परिवार को 'बदला' चाहिए

अपने दो बेटों को सेना में भेजने वाले पिता भी गम में डूबे हैं । अपने बेटे को खो चुके शहीद के पिता की आंखें नम हैं लेकिन सीना गर्व से चौड़ा है। शहीद सुदेश कटारिया का बचपन सम्भल के परसुखा गांव में बीता है। वे जिस स्कूल में पढ़ते थे वहां के बच्चों ने भी मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और शहीद को नमन किया।

देखिए वीडियो-

बेटे ने देश के लिए कुर्बानी दी लेकिन मां का दिल अपने जवान बेटे की मौत से बेहद दुखी है। जिस बेटे की सलामति के लिए मां हमेशा पूजा पाठ करती थी उसकी शहादत की खबर आई तो मां बेसुध हो गई। शहीद सुदेश का भाई कपिल भी आर्मी में है । भाई की शहादत की खबर मिलने के बाद कपित की एक ख्वाहिश है कि वो जल्द ड्यूटी पर लौटे और पाकिस्तान से बदला ले।

  • शहीद सुदेश कटारिया
  • जन्मदिवस- 15 जुलाई, 1992
  • पत्नी- कविता देवी
  • पुत्री- सुधा, जन्मदिवस- 27 अप्रैल, 2016
  • पिता- ब्रह्मपाल सिंह
  • माता- हरवती देवी
  • गांव- पनसुखा मिलक
  • तहसील- सम्भल
  • जिला- सम्भल
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