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राज्‍यसभा में उठा DU की 99% कटऑफ का मुद्दा, छात्रों के भले के लिए मिला यह सुझाव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 04, 2019 02:07 pm IST,  Updated : Jul 04, 2019 02:07 pm IST

दिल्ली विश्वविद्यालय के कई बड़े कॉलेजों में कट ऑफ लिस्ट 99 फीसदी तक पहुंच गया है। ऐसे में आम छात्रों के सामने डीयू एडमीशन को लेकर समस्या पैदा हो गई है।

DU Admissioin- India TV Hindi
DU Admissioin

नयी दिल्ली। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के कई बड़े कॉलेजों में कट ऑफ लिस्‍ट 99 फीसदी तक पहुंच गया है। ऐसे में आम छात्रों के सामने डीयू एडमीशन को लेकर समस्‍या पैदा हो गई है। इसे देखते हुए राज्यसभा में गुरूवार को भाजपा के एक सदस्य ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिला के लिए 99 प्रतिशत कट आफ अंक होने का मुद्दा उठाया और इससे छात्रों को होने वाली परेशानी से तात्कालिक राहत के लिए डीयू के विभिन्न कालेजों में सांध्यकालीन कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया। 

भाजपा सदस्य आर के सिन्हा ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि डीयू में कट आफ अंक 99 और 98 प्रतिशत तक है। इससे 99 प्रतिशत छात्रों और अभिभावकों को निराशा का सामना करना पड़ता है। सिन्हा ने कहा कि मौजूदा स्थिति देखते हुए डीयू की क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके लिए तात्कालिक कदम के तौर पर डीयू के सभी कालेजों में सांध्यकालीन कक्षाएं शुरू करने की जरूरत है। इससे छात्रों और शिक्षकों की संख्या भी दोगुनी हो जाएगी। 

महाराष्‍ट्र में बांध टूटने पर उठा सवाल 

शून्यकाल में ही कांग्रेस के हुसैन दलवई ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक बांध के टूट जाने से 23 लोगों की मौत होने का मुद्दा उठाया। दइवई ने कहा कि वहां भारी बारिश भी नहीं हुयी थी जिससे बांध टूट गया। बांध बहुत पुराना भी नहीं था। उन्होंने कहा कि बांध पहले से ही कमजोर था और अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गयी थी। उन्होंने इस संबंध में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह मांग भी की कि इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ ही उन लोगों को भी पर्याप्त मुआवजा दिया जाए जिसके घर बह गए। 

बिल्डरों पर लगाम कसने की मांग 

शून्यकाल में ही भाजपा के अजय प्रताप सिंह ने बिल्डरों द्वारा निवेशकों को समय से घर नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया और रेरा कानून की समीक्षा करने की मांग की। अन्नाद्रमुक के ए के सेल्वाराज ने ड्रिप सिंचाई योजना के जरिए फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को सब्सिडी दिए जाने की मांग की। अन्नाद्रमुक की ही सदस्य विजिला सत्यानाथ ने राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजना के कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा उठाया। 

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