चेन्नई: बहुराष्ट्रीय कोला कंपनियों द्वारा मुनाफे में भारी हिस्सेदारी देने के बावजूद तमिलनाडु संगनगालिन पेरामाइपू के करीब 70 फीसदी सदस्यों ने कोका कोला और पेप्सी ब्रांड की बिक्री बंद करने की घोषणा की है। व्यापार संगठन के एक शीर्ष नेता ने यह जानकारी दी।
व्यापार संगठन ने इससे पहले जनवरी में अपने सदस्यों से दो विदेशी कोला ब्रांड्स के बहिष्कार की गुजारिश की थी और उनसे ताजे जूस भारतीय कंपनियों द्वारा बनाए गए पेय पदार्थो को बढ़ावा देने की गुजारिश की थी।
तमिलनाडु संगनगालिन पेरामाइपू (टीएनवीएसपी) के अध्यक्ष ए. एम. विक्रम राजा ने आईएएनएस को बताया, "दुकानदारों को विदेशी कोला ब्रांड्स के हर 10 क्रेट के साथ 3 से 5 क्रेट मुफ्त दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद हमारे 70 फीसदी सदस्यों ने नए स्टॉक का आर्डर नहीं किया और जो भी बेचे जा रहे हैं, वे पुराने स्टॉक हैं।"
टीएनवीएसपी के बैनर तले करीब 6,000 व्यापार संघ है जिनके राज्य में 15 लाख से ज्यादा सदस्य हैं। राजा के मुताबिक घरेलू कोल्ड ड्रिंक उत्पादकों के साथ हुई बैठक में उन्हें आपूर्ति बढ़ाने के लिए कहा गया।
इस दौरान उद्योग संगठन इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (आईबीए) ने कोला कोला और पेप्सीको इंडिया के उत्पादों के बहिष्कार पर निराशा व्यक्त किया है।