1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. नयना गैंगरेप केस: 8 साल बाद आरोपियों को मौत की सजा

नयना गैंगरेप केस: 8 साल बाद आरोपियों को मौत की सजा

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 10, 2017 11:18 am IST,  Updated : May 10, 2017 11:18 am IST

पुणे की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी गैंगरेप और मर्डर केस में मंगलवार(9 मई 2017) को कोर्ट ने तीन आरोपियों को मौत की सुनाई है। 8 साल पहले हुई इस वारदात को आरोपियों ने कैसे दिया अंजाम आज हम आपको बतायेंगें...

कैसे दिया वारदात को अंजाम
कैसे दिया वारदात को अंजाम

कैसे दिया वारदात को अंजाम

नैना पुजारी पुणे के खराडी स्थित सिनक्रोन आईटी कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। वह हर रोज सुबह 7 बजे ऑफिस के लिए घर से निकलती और शाम 7 बजे तक घर आ जाती थी। वह अक्सर कंपनी की बस का इस्तेमाल करती थी, लेकिन कभी-कभी सार्वजनिक साधन से भी आती थी। 7 अक्टूबर, 2009 को 8 बजे नयना की ड्यूटी खत्म हो गई।

नयना पुजारी घर लौटने के लिए बस का इंतजार कर रही थीं, तभी उन्हीं की कंपनी में ड्राइवर की नौकरी करने वाले योगेश अशोक राउत ने उन्हें अपनी कार से घर छोड़ने के लिए कहा। नयना उसे जानता थी, इसलिए उसकी कार में बैठ गई। राउत ने आगे जाने के बाद नयना के घर की बजाय कार राजगुरुनगर की ओर मोड़ दी और रास्ते में दो मित्रों को भी कार में बिठा लिया।

इसके बाद तीनों हैवानों ने चलती कार में नयना पुजारी के साथ गैंगरेप की किया। एक सुनसान इलाके में कार खड़ी कर नयना का डेबिट कार्ड छीन लिया और चाकू की नोक पर नयना से डेबिट कार्ड का पिन कोड भी पूछ लिया। इतना ही नहीं हैवानों ने नयना के बैंक खाते से डेबिट कार्ड के जरिए 61 हजार रुपये भी निकाल लिए।

गैंगरेप और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ने नयना के स्कार्फ से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। उनका चेहरा पत्थर से कूच डाला, ताकि उसकी पहचान न हो सके। उन्होंने इसके बाद नयना का शव जारेवाड़ी के जंगलों में जमीन में गाड़ दिया। इधर, रात को 9.30 बजे तक इंतजार करने के बाद पति ने कई रिश्तेदारों को फोन किया पर नयना का कोई पता नही चला।

नयना के पति अभिजीत ने बताया था कि उन लोगों काफी खोजबीन के बाद देर रात को यरवदा थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अगले दिन पुलिस ने विमाननगर और कल्याणी नगर के एटीएम से पैसे निकाले जाने के बारे में जानकारी दी थी। करीब दो दिन बाद नयना का शव मिला, उसके कपड़े और गहनों से उसकी पहचान हो सकी। 16 अक्टूबर, 2009 को पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और राजेश चौधरी को हिरासत में लिया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत