पुणे की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी गैंगरेप और मर्डर केस में मंगलवार(9 मई 2017) को कोर्ट ने तीन आरोपियों को मौत की सुनाई है। 8 साल पहले हुई इस वारदात को आरोपियों ने कैसे दिया अंजाम आज हम आपको बतायेंगें। विशेष न्यायाधीश एलएल येनकर ने इस मामले में योगेश अशोक राउत, महेश बालासाहेब ठाकुर और विश्वास हिंदूराव कदम को अपहरण, लूट, गैंगरेप और मर्डर का दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया।
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विशेष सरकारी वकील हर्षद निंबालकर ने इस वारदात को 'दुर्लभतम' करार देते हुए पीड़िता के साथ की गई बर्बरता का हवाला देते हुए दोषियों को मौत की सजा देने की जोरदार मांग की थी। दोष तय होने के बाद उन्होंने कहा, 'पीड़िता के साथ जिस बर्बर तरीके से गैंगरेप किया गया और उसके बाद उसकी हत्या की गई, यह एक दुर्लभतम मामला बनता है.'
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