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पुणे कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक में तीन दिनों में दो साइबर अटैक, ग्राहकों के खाते से 94 करोड़ रुपये गायब

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 14, 2018 03:56 pm IST,  Updated : Aug 14, 2018 05:27 pm IST

पुणे के कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक में हैकर्स ने पिछले तीन दिनों में दो बार साइबर अटैक कर ग्राहकों के खातों से 94.42 करोड़ रुपये देश के दूसरे खातों में भेज दिए।

cyber attack- India TV Hindi
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पुणे: पुणे के कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक में हैकर्स ने पिछले तीन दिनों में दो बार साइबर अटैक कर ग्राहकों के खातों से 94.42 करोड़ रुपये देश के दूसरे खातों में भेज दिए। पुणे का कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक देश का दूसरा सबसे पुराना और सबसे बड़ा कॉपरेटिव बैंक है। 

हैकर्स ने कॉसमॉस बैंक के मुख्यालय का सर्वर हैक कर 94 करोड़ रुपए देश के बाहर बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बैंक अधिकारियों ने अपनी शिकायत में यह बताया कि शनिवार और सोमवार को दो बार साइबर अटैक हुआ। पहला अटैक 11 अगस्त को दोपहर बाद तीन बजे से लेकर रात 10 बजे तक हुआ जबकि दूसरा अटैक 13 अगस्त को सुबह 11.30 बजे हुआ।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की साइबर सेल बैंक खातों और उनके खाताधारकों की जांच रही है। बैंक की तरफ से पुलिस में दर्ज‍ कराई गई शिकायत में बैंक के हेडक्वॉर्टर स्थित एटीएम पर मॉलवेयर हमले की आशंका भी जताई गई है। पुलिस ने बताया कि अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक हैकर्स ने 12,000 वीजा कार्ड ट्रांजैक्शन के जरिए 78 करोड़ रुपये का ट्राजैक्शन देश से बाहर किया जिसमें हांगकांग स्थित बैंक अकाउंट भी शामिल है। 2.50 करोड़ रुपये 2,849 ट्रांजैक्शंस के जरिए देश के अंदर ट्रांसफर किए जिसकी जांच की जा रही है।

एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने बताया कि धोखाधड़ी वाले इस लेनदेन को 11 और 13 अगस्त को अंजाम दिया गया। यह लेनदेन कनाडा, हांगकांग और भारत सहित कुल 25 एटीएम मशीनों से किया गया। इस को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों को जारी वीजा और रुपे डेबिट कार्ड की क्लोनिंग कर इस हैकिंग को अंजाम दिया गया। 

अधिकारी ने बताया, ‘‘इस संबंध में पुणे पुलिस के पास शिकायत दर्ज करायी गई है। बैंक इस धोखाधड़ी की आंतिरक जांच और ऑडिट भी कर रहा है।’’ 

बैंक ने स्पष्ट किया कि उसकी केंद्रीयकृत बैंकिंग प्रणाली पर कोई हमला नहीं हुआ है। मालवेयर का यह हमला उसके एक स्विच पर हुआ है जो वीजा और रुपे कार्ड के लिए पेमेंट गेटवे के तौर पर काम करता है। अधिकारी ने कहा कि उसके किसी ग्राहक के खाते को नुकसान नहीं पहुंचा है और यह सारा नुकसान बैंक का हुआ है। 

एतिहात के तौर पर बैंक ने अपने सभी सर्वर बंद कर दिए हैं और सभी नेट बैंकिंग सेवाओं को बंद कर दिया है। इस मामले में पुणे के चातुष्रिंगी थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43,65, 66(सी) और 66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

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