अगरतलाः मूसलाधार बारिश और भारी भूस्खलन से बुधवार को एक बार फिर दक्षिण असम, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर में रेल सेवाएं बाधित हो गईं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक अधिकारी ने कहा, "दक्षिण असम के दिमा हासो जिले में कई जगहों पर रेलवे के कर्मचारी मलबा हटाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। फिधिंग और अन्य जगहों पर रेल पटरियों के बड़े हिस्से से मलबे हटाए जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि मलबा हटाने और रेलगाड़ियों के चलने के लिए मार्ग प्रशस्त करने में और तीन-चार दिन लगेंगे।
उन्होंने कहा, "हम इस सप्ताह के अंत तक रेल सेवाएं बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं।" गुवाहाटी से 300 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित घटनास्थल पर मलबा हटाने के काम की निगरानी के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एनएफआर के अधिकारी और अभियंता डेरा जमाए हुए हैं। दक्षिण असम के लमडिंग-बदरपुर पहाड़ी खंड में सोमवार की रात भारी वर्षा के कारण भूस्खलन हुआ था।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने कहा कि मलबा हटाए जाने तक गुवाहाटी व सिल्चर के बीच चलने वाली चार रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है, जिनमें सिल्चर-सियालदह कंचनजंघा एक्सप्रेस और सिल्चर-नई दिल्ली वाया गुवाहाटी पूर्वोत्तर संपर्कक्रांति एक्सप्रेस भी शामिल हैं।
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गुवाहाटी से दक्षिण असम होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन त्रिपुरा की राजधानी अगरतला और मणिपुर एवं मिजोरम के कुछ भागों को शेष भारत से जोड़ती है। रेल सेवाएं बाधित होने से गुवाहाटी और शेष भारत में जाने वाले यात्री दक्षिण असम के बदरपुर, सिल्चर और लमडिंग इलाके में फंसे हुए हैं। गुवाहाटी-सिल्चर रेल लाइन दक्षिण असम और पहाड़ी राज्यों त्रिपुरा, मिजोरम एवं मणिपुर की जीवनरेखा है। ये राज्य खाद्यान्न, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पादों, निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुओं के लिए इस रेल लाइन पर पूरी तरह आश्रित हैं।