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लद्दाख में खूनी संघर्ष के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पहला बयान, कही ये बड़ी बात

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 17, 2020 01:00 pm IST,  Updated : Jun 17, 2020 01:00 pm IST

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात हुए हिंसक संघर्ष के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के वीर जवानों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की है।

Rajnath Singh- India TV Hindi
Rajnath Singh Image Source : FILE

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात हुए हिंसक संघर्ष के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के वीर जवानों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की है। ट्विटर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गलवान में सैनिकों की क्षति परेशान करने वाली और दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया। बता दें कि सोमवार को लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए। वहीं चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर है।  भारत चीन संघर्ष: सेना को दी गई 'इमरजेंसी पावर', नहीं करना होगा दिल्ली से आदेश का इंतजार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र जवानों की बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के साथ हैं। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के बहादुरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है। बता दें कि हिंसक झड़प की खबरें आने के बाद से दिल्ली में रक्षा मंत्रालय में हलचल तेज हो चुकी है। आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत, तीनों सर्विस चीफ़ के साथ पूरे फ़ेस ऑफ़ को लेकर हाई लेवल मीटिंग हुई है। सरकार ने भारतीय सेना को लद्दाख में सेना की मौजूदगी को लेकर खुली छूट दे दी है। इसके साथ में डिप्लोमैटिक चैनल के ज़रिए बातचीत जारी रहेगी। चीन को अप्रैल 2020 के स्टेटस को को मानना पड़ेगा और कहीं से भी रोड कंस्ट्रक्शन नहीं रोकेगा।

भारत ने सेना को दी खुली छूट 

भारत सरकार ने भारतीय सेना को लद्दाख में सेना की मौजूदगी को लेकर खुली छूट दे दी है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने सेना को 'इमरजेंसी पावर' दे दी है। केंद्र ने सेना को कहा है कि वे मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए स्वयं फैसला ले सकते हैं। बता दें कि सोमवार रात एलएसी पर मौजूद गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। सेना के सूत्रों के अनुसार भारत की पूरी कोशिश है कि वह सीमा पर डटे चीनी सैनिकों को भारतीय सेना की मजबूती का प्रदर्शन करे।  यही ध्यान में रखते हुए सेना को 'इमरजेंसी पावर' दे दी गई है। सरकार ने मौजूदा परिस्थिति के अनुसार सीमा पर सैनिकों और हथियारों की मौजूदगी का पूरा अधिकार दे दिया है। माना जा रहा है कि सीमा पर सैनिकों की अधिक मौजूदगी के बाद ही बातचीत की मेज पर भारत का पलड़ा चीन के बराबर हो सकता है। 

चीन के कमांडिंग अफसर की मौत 

इस बीच खबर आ रही है कि हिंसक झड़प में चीनी सेना के एक कमांडर की भी मौत की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, झड़प में मारे गए कमांडर के शव को बीजिंग में स्थित मिलिटरी हॉस्पिटल ले जाया गया है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कुल 20 सैनिक शहीद हो गए।

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