नई दिल्ली: भारतीय जनता पाटी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। स्वामी ने कहा, ''सीएम से जो बात हुई है, वो शेयर नहीं करूंगा। हां, राम मंदिर वहीं बनेगा और हम कोर्ट में केस जीतेंगे। मस्जिद तो कहीं भी बन सकती है। अब दोनों सरकारों का कोई मतलब नहीं है। मैं अकेला ही काफी हूं। मैं राम मंदिर मुद्दे के विरोधी पक्ष से अब अपील नहीं करूंगा, बल्कि ये कहूंगा कि होश में आओ।'' (दिलचस्प है IAS और विधायक की लव स्टोरी, जल्द करेंगे शादी)
उन्होंने पत्रकारों से दो टूक में कहा कि संसद के जरिए राम मंदिर निर्माण पर भाजपा अमित शाह से सवाल करें, मेरा अपना अलग नजरिया तथा विचार है। यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र और राज्य सरकार राम मंदिर के मामले में ठोस तथा कारगर कार्रवाई नहीं कर रही हैं, तो उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए मैं अकेला ही काफी हूं।
स्वामी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद के लिए नहीं प्रापर्टी के लिए केस लड़ रहा है। राम जन्म मंदिर पर मैं प्रापर्टी को लेकर पार्टी नहीं हूं। उन्होंने कहा कि पैगम्बर मो.साहब से जुड़ी मक्का में बनी मस्जिद को भी तोड़ा गया। यह तो सर्वविदित है कि मुसलमान चाहे तो कहीं और मस्जिद बना लें। राम मंदिर तो राम जन्मभूमि पर ही बन सकता है, लेकिन मस्जिद कहीं भी बन सकती है। पहले तो वहां पर मंदिर था, लेकिन उसको तोड़कर वहां पर मस्जिद बना लिया गया था।
बता दें राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। इसके पहले मार्च में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मामले में मुख्य पक्षकार नहीं हैं।
मार्च में ही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राम मंदिर मामले से जुड़े सभी पक्ष आपसी बातचीत से मामले को हल करें। अगर बातचीत नाकाम रहती है तो हम दखल देंगे और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए मीडिएटर अप्वाइंट करेंगे।
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