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नरेंद्र मोदी का कद RSS ने बढ़ाया, बाबरी विध्वंस से हुआ BJP को फायदा: चीनी लेखक

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 11, 2017 01:42 pm IST,  Updated : May 11, 2017 01:42 pm IST

केजी के अनुसार पीएम मोदी को 2013 से ही आरएसएस का पूरा समर्थन हासिल है। केजी ने लिखा है, “छोटे केक के बंटवारे के बजाय केक का आकार बढ़ाने पर जोर देकर मोदी विभिन्न सामाजिक समूहों के जटिल हितों की टकराहट से बच के चल रहे हैं।”

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नई दिल्ली: चीन के एक प्रमुख बुद्धिजीवी माओ केजी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बड़ा फायदा हुआ है और 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराने का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा राजनीतिक फायदा हुआ। चीन भारत संबंधों के विशेषज्ञ माओ केजी का यह लेख गुआनचाओ डॉट सीएम (www.guanchao.cn) पर प्रकाशित हुआ है। केजी के अनुसार नरेंद्र मोदी द्वारा “गुजरात मॉडल” की पृष्ठभूमि में विकास के नारे ने भाजपा और आरएसएस के बीच गठजोड़ को मजबूत किया जिसका उन्हें राजनीतिक लाभ मिला। (ये भी पढ़ें: बंद होंगे 2000 के नोट, मोदी सरकार फिर करेगी नोटबंदी?)

माओ केजी का यह भी मानना है कि पीएम मोदी आरक्षण की नीति की जगह आर्थिक उन्नति के लिए तेज विकास पर जोर दे रहे हैं क्योंकि आरएसएस आरक्षण के खिलाफ है। केजी के अनुसार पीएम मोदी को 2013 से ही आरएसएस का पूरा समर्थन हासिल है। केजी ने लिखा है, “छोटे केक के बंटवारे के बजाय केक का आकार बढ़ाने पर जोर देकर मोदी विभिन्न सामाजिक समूहों के जटिल हितों की टकराहट से बच के चल रहे हैं।”

चीनी लेखक ने अपने लेख में भाजपा के उभार के बीज 1989 में लागू हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटनाओं में देखते हैं। केजी ने लिखा है, “मंडल रिपोर्ट की वजह से शिक्षा और रोजगार के मामले में बेहतरी की उम्मीद कर रहे मध्य वर्ग और उच्च वर्ग को खुद के संग नाइंसाफी महसूस हुई। इस निराशा से भाजपा के जनाधार में ठोस बढ़ोतरी हुई जो प्राथमिकता के आधार पर बरताव का विरोध करती थी और समान प्रतियोगिता की मांग करती थी।”

केजी ने लिखा है कि बाबरी मस्जिद गिराने के बाद हुए धार्मिक ध्रुवीकरण से भाजपा और आरएसएस को अपना जनाधार बढ़ाने में काफी मदद मिली। केजी के अनुसार इन दोनों घटनाओं ने दोनों संगठनों के कैडरों की संख्या तेजी से बढ़ी जो “आज भी भाजपा और आरएसएस के संगठन की रीढ़ की हड्डी हैं।”

माओ केजी ने लिखा है कि आरएसएस के पास 10 हजार प्रचारक और 50 हजार सक्रिय शाखाएं हैं। कोजी के अनुसार आरएसएस के पा करीब छह लाख स्वयंसेवक और मजदूर, किसान, महिला और छात्र संगठन हैं। कोजी ने लिखा है, “ये समहू भाजपा को संगठनात्मक एका, सामाजिक संसाधन और विचारधारा के प्रसार का मौका प्रदान करता हैं।”

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