नई दिल्ली: रूस ने आज कहा कि भारत द्वारा किए गए लक्षित हमले का वह स्वागत करता है क्योंकि प्रत्येक देश को अपनी हिफाजत करने का अधिकार है। रूस ने कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान से कहा था कि वह अपनी जमीन पर आतंकवादी समूहों की गतिविधियां रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये।
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भारत में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर एम कदाकिन ने कहा कि सीमापार आतंकवाद से मुकाबले में उनका देश हमेशा ही भारत के साथ रहा है। रूसी दूतावास के अनुसार कदाकिन ने एक समाचार चैनल से कहा, सबसे बड़ा मानवाधिकार उल्लंघन तब होता है जब आतंकवादी भारत में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले करते हैं और शांतिपूर्ण नागरिकों पर हमले करते हैं। हम लक्षित हमले का स्वागत करते हैं। प्रत्येक देश को अपनी रक्षा करने का अधिकार है।
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उन्होंने भारत को यह भरोसा भी दिया कि उसे रूस-पकिस्तान के संयुक्त सैन्य अभ्यास से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभ्यास भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य के पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में नहीं हुआ। गत सप्ताह रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि रूस आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के समर्थन में खड़ा है। बयान में कहा गया था, हम नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के बीच हाल की गंभीर स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
बयान में कहा गया, हम पक्षों से आह्वान करते हैं कि तनाव बढ़ने नहीं दें और वर्तमान समस्याओं का हल बातचीत से एवं राजनीतिक तरीकों से निकालें। हम आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ निर्णयक संघर्ष के समर्थन में खड़े हैं। बयान में कहा गया, हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान सरकार देश की जमीन पर आतंकवादी समूहों की गतिविधियां रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।