पटना: बिहार की राजधानी पटना के मनेर इलाके में सोन नदी की बाड़ में एक स्कूल बिल्डिंग देखते ही देखते काग़ज़ की नांव की तरह बह गई। इस हादसे में किसी की जान नही गई। जब सालों पुरानी बिल्डिंग भर-भराकर नीचे गिर पड़ी तो वहां मौजूद लोग दंग रह गए। चंद सेकेंड में ही इमारत जलमग्न हो गई।
सैंकड़ो बच्चे रोजाना इसी स्कूल में पढ़ने आते थे लेकिन इस बार बारिश और बाढ़ ऐसी आई कि ये बिल्डिंग भी बच नहीं सकी। भारी बारिश और बाढ़ के कारण उफनती सोन नदी का पानी स्कूल और इसके आस-पास के इलाकों तक पहुंच गया था। उफनती नदी के तेज़ बहाव को स्कूल की ये इमारत झेल नहीं कर सकी। बिल्डिंग गिरने से पहले ये एक तरफ झुकने लगी थी। एक ओर बिल्डिंग के झुकते ही उसके प्लास्टर दीवारों का साथ छोड़ने लगे और धीरे-धीरे उखड़ने लगे।
दरअसल स्कूल की इमारत काफी पुरानी हो गई थी जो भारी बारिश की वजह से और भी जर्जर हो गई थी। गंगा और सोन की तेज धारा से स्कूल बिल्डिंग के आसपास की मिट्टी पूरी तरह कट गई थी जिसके कारण स्कूल पर खतरे का बादल मडराने लगे थे। स्कूल इमारत के हालत और नदी में आई बाढ़ को देखते हुए उसे खाली करा लिया गया था। यही वजह है कि जब इमारत गिरी तो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।