नई दिल्ली: बैंकिंग, ऑटो, FMCG शेयरों में जोरदार खरीदारी के चलते घरेलू शेयर बाजार बुधवार को फिर से नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। सेंसेक्स ने 30 हजार के अहम स्तर के पार कर 30118.86 का लाइफ टाइम हाई बनाया है। वहीं, निफ्टी पहली बार 9350 के पार पहुंच गया है। फिलहाल (11:00 AM) सेंसेक्स 143 अंक बढ़कर 30,086 के स्तर पर है। वहीं, निफ्टी 41 अंक की तेजी के साथ 9348 के रिकॉर्ड लेवल पर है। (एक महीने में ही खुल गई योगी सरकार की पोल: अखिलेश यादव)
सेक्टर इंडेक्स में तेजी
पीएसयू और प्राइवेट दोनों बैंकों मे हो रही अच्छी खऱीदारी के दम पर बैंक निफ्टी 0.40 फीसदी की बढ़त के साथ 22145 के स्तर के करीब दिख रहा है। आज के कारोबार में बाजार को बैंक के साथ ही मेटल, एफएमसीजी, ऑटो और रियल्टी शेयरों से सबसे ज्यादा सपोर्ट मिल रहा है। निफ्टी का मेटल इंडेक्स 0.93 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 0.50 फीसदी, ऑटो इंडेक्स 0.32 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
बाजार में जारी रहेगा तेजी का माहौल
रिस्क कैपिटल एडवाइजर्स के डी डी शर्मा का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में मुमेंटम देखा जा रहा है। साथ ही कल के सत्र में एफआईआई और डीआईआई की तरफ से स्टॉक्स फ्यूचर्स में खरीदारी देखने को मिली है। जिसके चलते बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है लेकिन निफ्टी 9400-9500 के रजिस्टेंस स्तर पर भी कारोबार करते नजर आ सकता है।
हालांकि फंडामेटल लिहाज से फंड फ्लो डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड की तरह काफी तेज है जिसके कारण इक्विटी की डिमांड मजबूत है। जिसके चलते आनेवाले समय में बाजार की तेजी बरकरार रह सकती है। कहीं ना कहीं बाजार को ग्लोबल संकेतों से रिस्क हो सकता है। अगर किसी कारणवंश ग्लोबल बाजार में नेगेटिव इवेंट होता है तो उसका असर घरेलू बाजार पर भी हल्का सा देखने को मिल सकता है। लेकिन आनेवाले समय में निफ्टी 9400-9500 के स्तर पर कारोबार करती नजर आ सकती है।
अब क्या करें निवेशक
एल्टामाउंट कैपिटल मैनेजमेंट के मार्केट एक्सपर्ट प्रकाश दीवान का कहना है कि नोटबंदी के बाद पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में को जिस तरह से लिक्विडीटी का सहारा मिला और मौजूदा समय में आगे चलकर जिस तरह से ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है उसका सारा फायदा पीएसयू बैंकिंग सेक्टर को मिलता नजर आ रहा है। वहीं इस सेक्टर में एनपीएस को सुधारने की कोशिश के चलते पीएसयू बैंकिंग सेक्टर से जुड़े शेयर्स में अच्छा असर कंपनी की ऑर्डरबुक पर देखने को मिल सकता है। जिसके चलते इनके नतीजे बेहतर आने की उम्मीद है। लिहाजा बैंक ऑफ बडौदा, एसबीआई में निवेश कर सकते है।
लक्ष्मी विलास बैंक में जिस तरह से पिछले 6-9 महीने से शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव देखने को मिले है वह काफी रोचक है। दरअसल, लक्ष्मी विलास बैंक में ऐसे इन्वेस्टर्स ने खरीदारी की है जो लंबी अवधि का नजरिया रख निवेश करते है जिससे कंपनी की ग्रोथ में भी थोड़ी बढ़त देखने को मिल रही है जिसके चलते कंसोलेडेशन के माहौल में इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है। लिहाजा इसमें खरीदारी की जा सकती है।
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