नई दिल्ली: भाजपा के वाचाल नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी आज वीके सिंह के समर्थर्न में आ गए। उन्होंने कहा कि मंत्री को लगातार कुछ भ्रष्ट ताकतें निशाना बना रही हैं और पैसा देकर उन्हें बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है। स्वामी ने यह बात सेना प्रमुख के वीके सिंह के खिलाफ हलफनामा दायर करने को लेकर विवाद के बीच कही। स्वामी ने कहा कि सरकार को सिंह की रक्षा में कदम उठाना चाहिए क्योंकि एक मंत्री के तौर पर वह मौजूदा सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग के साथ लड़ाई में खुद अपना बचाव नहीं कर सकते।
उन्होंने दावा किया कि भ्रष्ट ताकतें सिंह से नाखुश हैं क्योंकि सेना प्रमुख के तौर पर उन्होंने हथियारों की खरीद में अवैध रिश्वतखोरी को रोक दिया था और कुछ अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता जांच कराई थी। सिंह अब विदेश राज्य मंत्री हैं। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि आदर्श हाउसिंग सोसाइटी के अपराधियों और सुखना भूमि घोटाले के अपराधियों का पर्दाफाश सिंह के सेना प्रमुख के तौर पर कार्यकाल के दौरान हुआ।
राज्यसभा सदस्य स्वामी ने एक वक्तव्य में कहा, कुछ जनरलों की नियुक्ति पर डीवी (अनुशासन एवं सतर्कता) प्रतिबंध उचित प्रक्रिया के बाद जारी किया गया। कोई भी सीओएएस (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) मनमाने तरीके से डीवी प्रतिबंध नहीं जारी कर सकता। स्वामी ने कहा कि डीवी प्रतिबंध एक ऐसा मामला है जिसकी जांच न सिर्फ सतर्कता शाखा करती है बल्कि सर्वोच्च स्तर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा भी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इन तीन निकायों की सिफारिश के बाद ही डीवी प्रतिबंध की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा, मई 2012 में लेफ्टिनेंट जनरल डी एस सुहाग के खिलाफ सतर्कता जांच का आदेश देने के लिए जनरल सिंह को बदनाम करने का सबसे ताजा प्रयास है और जनरल सिंह ने ऐसा उनके बीच कथित तौर पर निजी शत्रुता की वजह से नहीं किया था। स्वामी ने कहा कि सरकार को इस पैसा देकर चलाए जा रहे चलाए जा रहे मानहानिकारक अभियान से सिंह की रक्षा करने के लिए कदम उठाना चाहिए क्योंकि वह मौजूदा सेना प्रमुख के साथ चल रही लड़ाई में खुद अपना बचाव नहीं कर सकते।