नई दिल्ली: 28-29 सितंबर की रात को PoK में भारत के पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मारे गए आतंकियों के शव ट्रक में भरकर ले जाए गए थे और गुमनाम जगह पर दफन किए गए थे।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, पीओके में रह रहे लोगों की रिश्तेदारी कश्मीर के लोगों से है। उन लोगों से ये बातचीत बेहद गुप्त तरीके से हुई है। पीओके के लोगों ने उस रात भारी गोलाबारी की आवाज सुनी। लोगों ने आसमान तक उठती लपटों को भी देखा। इन लोगों ने कुछ ऐसे ठिकानों पर हमले का भी खुलासा किया है जिनका जिक्र DGMO रणवीर सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं किया।
क्या हुआ था:
भारतीय जवानों ने PoK में बने आतंकवादी कैंपों को ध्वस्त किया गया और आतंकवादियों को मार गिराया गया। ऑपरेशन खत्म हो जाने के बाद 29 सितंबर को उस इलाके में एक ट्रक बुलाया गया और ऑपरेशन में मारे गए सभी आतंकवादियों के शवों को उसमें डालकर कहीं गुमनाम इलाके में दफ्ना दिया गया।
ऑपरेशन को दबाना चाहती थी पाक सरकार
पाकिस्तानी सरकार सर्जिकल ऑपरेशन की खबर को पूरी तरह से दबाना चाहती थी इसलिए उस इलाके को फिर से ठीक-ठाक कर दिया गया, जिससे ये पता लगाना मुश्किल हो गया कि वहां कोई सैन्य कार्रवाई हुई थी।