निजामाबाद: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से जारी आतंकवाद को नहीं रोकता तब तक उसके साथ बातचीत करना व्यर्थ है।
तेलंगाना दिवस समारोह के दौरान एक जनसभा में राजनाथ ने कहा कि भारत की नीति पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखने की है।
उन्होंने कहा, कुछ लोग सुझाव देते हैं कि हमें पाकिस्तान से वार्ता करनी चाहिए। मैं कहना चाहूंगा कि हम किसी से भी बात करने को तैयार हैं। लेकिन पाकिस्तान इस चीज को समझने में असमर्थ है कि जब तक वह सीमा पार से जारी आतंकवाद के जरिए भारत को अस्थिर और कमजोर करने के प्रयास बंद नहीं करता तब तक उसके साथ बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों के प्रधानमंत्रियों को आमंत्रित किए जाने का भी राजनाथ ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा, विचार यह था कि हम उन सबके साथ अच्छे संबंध बनाना चाहते थे। हमने उन्हें केवल हाथ मिलाने के लिए नहीं बुलाया था, बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने के लिए बुलाया था।
राजनाथ ने कहा कि सरकार देश में अस्थिरता फैलाने वाली हर तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान संघर्षविराम समझौतों का उल्लंघन कर रहा है। गृहमंत्री ने कहा, इसने पाकिस्तान हमारे देश में आतंकवादियों को भेजना शुरू किया। यह संघर्षविराम समझाौतों का उल्लंघन करता है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम आतंकवाद, चरमपंथ और नक्सलवाद को भी खत्म कर देंगे।
राजनाथ ने कहा कि सीमा पर स्थिति बदल गई है क्योंकि भारत ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दिया है, जिसने देश के इतिहास में एक उदाहरण स्थापित किया है। उन्होंने समुदाय, जाति और भाषा के आधार पर देश को बांटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी लोगों को आगाह किया। गृहमंत्री ने कहा, आज तेलंगाना मुक्ति दिवस पर हमें संकल्प लेना होगा कि हम समुदाय, जाति और भाषा के आधार पर नहीं बंटेंगे। जो लोग देश को कमजोर करने की कोशिश करते हैं, वे राष्ट्रविरोधी ताकतें हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि विश्व की कोई भी शक्ति भारत को कमजोर नहीं कर सकती।