नई दिल्ली: साल 2012 में निर्भया के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषियों की फांसी को बरकरार रखने के सर्वोच्च न्यायालय के शुक्रवार के फैसले की सराहना करते हुए पीड़िता के पिता ने कहा कि दोषियों को जितनी जल्दी हो सके, मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, "मुझे खुशी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हमारी आवाज सुनी और पीड़ा समझी। इस फैसले से निर्भया तथा पूरे देश को न्याय मिला है।"
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मामले में देरी से न्याय होने का अब कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा, "देरी हुई है, लेकिन अब मुझे कोई समस्या नहीं है। अदालत का फैसला सही है।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए 'हमें और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।'