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राजस्थान के बाद अब उत्तर प्रदेश में टिड्डी दल का आतंक, 10 जिलों में हाई अलर्ट

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 26, 2020 10:09 pm IST,  Updated : May 26, 2020 10:09 pm IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आफत का सबब बने टिड्डी दल के प्रकोप के मद्देनजर राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

Locust attack in India- India TV Hindi
Locust attack in India Image Source : PTI

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आफत का सबब बने टिड्डी दल के प्रकोप के मद्देनजर राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में टिड्डी दल के हमले का खतरा है। उन्होंने बताया कि एक टिड्डी दल राजस्थान के करौली जिले के सारमथुरा से होते हुए मध्यप्रदेश के मुरैना की तरफ बढ़ा है, जिसके वर्तमान हवा की दिशा के अनुसार मध्यप्रदेश के कैलारस पहुंचने की संभावना है। 

इस दल से उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर, जालौन और औरैया को अलर्ट किया गया है। साथ ही इनसे लगे हमीरपुर, कन्नौज, इटावा और कानपुर देहात तथा आसपास के कुछ अन्य जिलों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि टिड्डी दल के हमले की आशंका के मद्देनजर स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और टिड्डी दल को समाप्त करने या भगाने की सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। साथ ही उन्हें लोकस्ट वार्निंग ऑर्गेनाइजेशन की तकनीकी टीम तथा क्षेत्रीय निवासियों एवं कृषकों से लगातार तालमेल बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ग्रामीणों से भी कहा गया है कि वे टिड्डी दल का हमला होने पर उसका रुख मोड़ने के लिए शोर मचाएं, थालियां और बर्तन पीटें तथा पटाखे जलाएं। 

साथ ही साथ उसने यह भी कहा गया है कि वे ट्रैक्टरों पर लगे स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर तथा कृषि रक्षा रसायनों का गहन छिड़काव करें, ताकि टिड्डी दल को उनके ठिकानों पर ही नियंत्रित या समाप्त किया जा सके। इस बीच, झांसी के जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने बताया कि दो दिन पूर्व आए टिड्डी दल को भारी मात्रा में कीटनाशक का छिड़काव कर मार दिया गया है। दल के आगे का रूख हवा पर आधारित हैं। 

दल में 60 लाख से एक करोड़ के बीच टिड्डियां हो सकती हैं। ये जिस पेड़ या खेत में बैठ जाती हैं उसे नष्ट कर देती हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 23 मई को पहला टिड्डी दल तथा दूसरा दल 24 मई को जनपद में आया, जो आगे चला गया। मगर जिस टिड्डी दल के आने की संभावना है वह अपेक्षाकृत ज्यादा बड़ा हो सकता है। उसके आज रात तक झाँसी पहुंचने की संभावना है। उन्होंने क्षेत्र की सभी निगरानी समितियों, ग्राम प्रधान तथा बीट कांस्टेबल को निर्देश दिया कि क्षेत्र में टिड्डी दल के भ्रमण की तत्काल जानकारी दें ताकि टिड्डियां जब रात को विश्राम करें तो उन्हें रसायन छिड़क कर मारा जा सके। 

इस बीच, कृषि विभाग के उपनिदेशक कमल कटियार ने बताया ''टिड्डियों का सक्रिय दल छोटे आकार का है। हमें खबर मिली है कि देश में करीब ढाई से तीन किलोमीटर लम्बा झुण्ड दाखिल हुआ है। ''उन्होंने बताया कि इस वक्त यह टिड्डी दल बंगरा मगरपुर में है। आज रात वहां कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। उधर, मथुरा जिला प्रशासन ने भी टिड्डी दल के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा ने बताया कि टिड्डियों को मारने के लिये इस्तेमाल किये गये रसायन की जिले से बाहर आपूर्ति न करने को कहा गया है।

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