नई दिल्ली | उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद-सीलमपुर इलाके में मंगलवार को फैली हिंसा में कुल 18 लोग जख्मी हो गए। घायलों में 11 दिल्ली पुलिस के अधिकारी- कर्मचारी और 7 आम नागरिक हैं। इस मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर फिलहाल 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है। नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ मंगलवार दोपहर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में हुए प्रदर्शन के बाद रात में ब्रिजपुरी में भी प्रदर्शन हुए और लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।
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अधिकारियों ने बताया कि यह घटना रात करीब साढ़े आठ बजे हुई। हालांकि, अब स्थिति नियंत्रण में कर ली गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी तरह की हिंसा को नियंत्रण में करने के लिए इलाके में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता एसीपी अनिल मित्तल ने देर शाम बताया कि फिलहाल इलाके में एहतियातन 5 कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालात को तुरंत काबू करने के लिए तीनों जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल को घटना के तुरंत बाद मौके पर बुलाना पड़ा।

मित्तल ने आगे कहा, "सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शांति भंग करने, दंगा फैलाने, आमजन का रास्ता रोकने, सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक मामला सीलमपुर और दूसरा मामला जाफराबाद थाने में दर्ज किया गया है।" दिल्ली पुलिस के मुताबिक, "घटना की शुरुआत उस समय हुई, जब कुछ लोग शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे। उसी वक्त भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने अचानक सड़कों-गलियों में भगदड़ मचाना और पथराव करना शुरू कर दिया।"
अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी से सड़क-गलियों में आ जा रहे लोगों में भगदड़ मच गई। देखते-देखते हालात बेकाबू होते चले गए। जब तक पुलिस मोर्चे पर डटती उपद्रवियों की भीड़ चारों ओर फैल चुकी थी। लिहाजा, आनन-फानन में दिल्ली पुलिस कमिश्नर की रिजर्व फोर्स (सीपी रिजर्व फोर्स) की 5 अतिरिक्त कंपनियों के करीब 300 जवानों को भी मौके पर बुला लिया गया। इसके साथ ही पूर्वी, शाहदरा और उत्तर पूर्वी जिले के थानों और पुलिस लाइन में मौजूद अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुला लिया गया।
पुलिस के मोर्चा संभालने तक हिंसा पर उतरी भीड़ दो पुलिस बूथ, दो बसें, तीन मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर चुकी थी। सबसे ज्यादा पथराव सीलमपुर और जाफराबाद थाना क्षेत्र में हुआ बताया जाता है। दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा, "बिगड़े हुए माहौल को शांत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अमन कमेटी की मदद ली, जो हिंसा को रुकवाने में रामबाण साबित हुई। अमन कमेटी के पदाधिकारियों-सदस्यों ने अदम्य साहस, आपसी सामंजस्य की मिसाल कायम की।"

अमन कमेटी ने हिंसा से प्रभावित अधिकांश इलाकों में खुद पुलिस के साथ जा-जाकर स्थानीय नागरिकों को समझा-बुझाकर शांत किया। स्थानीय निवासियों को विश्वास दिलाया कि पुलिस किसी भी बेकसूर के पास नहीं जाएगी। अमन कमेटी और इलाकाई थानों के स्टाफ ने अफवाहों को फैलने से रोकने का संयुक्त प्रयास भी किया। इसमें पुलिस और अमन कमेटी को कामयाबी भी मिली। पुलिस प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जाफराबाद और सीलमपुर में हुए फसाद में दिल्ली पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है। बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।