मैसूर: मैसूर का अंबा विला पैलेस आज शाही शादी का गवाह बना। आज यहां मैसूर राजघराने के राजा यदुवीर कृष्णदत्त की शादी राजस्थान के डूंगरपुर राजघराने की राजकुमारी त्रिशिका से हुई। देश विदेश से आए साढ़े पांच सौ मेहमान इस शादी में शरीक हुए। कल मैसूर में रिस्पेशन होग जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
शादी के बंधन में बंधे यदुवीर-त्रिशिका
मैसूर के राजघराने में 40 साल बाद शादी का मौका आया तो घर परिवार और राजघराने के सगे संबंधियों के साथ साथ करीब साढ़े पांच सौ लोग इस एतिहासिक शादी के गवाह बने। शादी के इन लम्हों को कुछ लोग कैमरे में कैद कर रहे थे तो बाकी लोग शादी की इन रस्मों को टिकटिकी लगाए देखते जा रहे थे। पिछले दो दिन से मैसूर में इस शाही शादी की शुरूआत हो चुकी थी लेकिन शादी सोमवार सुबह हुई। शादी के लिए लाखों का खर्चा कर अंबा पैलेस को सजाया गया था।
मैसूर के महल में शाही शादी
अंबा पैलेस के कल्याण मंडप में सुबह 9:05 से 9:35 के बीच शादी की रम्में पूरी की गईं। मैसूर में ही शादी की रस्में पूरी की जानी थी इसीलिए दो दिन पहले ही राजकुमारी त्रिशिका राजस्थान से अपने होने वाले राजा के महल में आ चुकी थीं लेकिन राजा यदुवीर से त्रिशिका की मुलाकात आज इस मंडप में हुई। शादी में पहनी गई राजा यदुवीर की वेडिंग ड्रेस को महारानी प्रमोदा देवी ने खुद तैयार करवाया है।
रिसेप्शन में PM मोदी और राष्ट्रपति भी आमंत्रित
शादी की रस्म के लिए चुनिंदा लोगों को ही बुलाया गया था लेकिन रिसेप्शन में 2 हज़ार से ज्यादा मेहमानों के आने की उम्मीद है। शादी के दो रिसेप्शन रखे हैं गए हैं पहला रिस्पेशन 28 जून को मैसूर में होगा जबिक दूसरा रिस्पेशन 2 जुलाई को बेंगलुरू में दिया जाएगा। लोगों की नजर इस शाही शादी के रिस्पेशन पर रहेगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मखर्जी भी शामिल हो सकते है
देखिए शाही शादी की तस्वीरें-








कौन है राजकुमारी त्रिशिका और मैसूर के 27 वें राजा यदूवीर ?
- त्रिशिका राजस्थान स्थित डूंगरपुर के शाही परिवार से हैं और हर्षवर्धन सिंह एवं महश्री कुमारी की बेटी हैं।
- त्रिशिका ने बेंगलुरु के क्राइस्ट कॉलेज से पढ़ाई की है।
- 24 साल के यदुवीर कृष्णदत्त वडियार मैसूर राज परिवार के 27वें राजा हैं।
- उन्होंने अपनी पढ़ाई अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मेसाचुसेट्स से पूरी की है।
- यदुवीर को पिछले साल मैसूर राजघराने के राजा के तौर पर ताजपोशी की गई थी।
- मैसूर राजवंश भारत में अब तक सबसे ज्यादा समय (619 साल) तक राजशाही परंपरा को मानने वाला वंश है।