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कौन थे केशुभाई पटेल? दो बार गुजरात के सीएम रहे लेकिन कभी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 29, 2020 12:48 pm IST,  Updated : Oct 29, 2020 12:48 pm IST

केशुभाई पटेल का जन्म 24 जुलाई 1928 में हुआ था। वह गुजरात की राजनीति का एक बड़ा नाम थे। वह राजनीतिक रूप से सक्रिय उस पटेल समुदाय से आते थे जो गुजरात की सियासत और सरकार गठन में हमेशा ही बड़ा रोल निभाता रहा है।

कौन थे केशुभाई पटेल? दो बार गुजरात के सीएम रहे लेकिन कभी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए- India TV Hindi
कौन थे केशुभाई पटेल? दो बार गुजरात के सीएम रहे लेकिन कभी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए Image Source : FILE PHOTO

गांधीनगर: केशुभाई पटेल का जन्म 24 जुलाई 1928 में हुआ था। वह गुजरात की राजनीति का एक बड़ा नाम थे। वह राजनीतिक रूप से सक्रिय उस पटेल समुदाय से आते थे जो गुजरात की सियासत और सरकार गठन में हमेशा ही बड़ा रोल निभाता रहा है। केशुभाई 1980 से वर्ष 2012 तक भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रहे थे और भाजपा से ही गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री भी रहे। हालांकि, 2012 में उन्होंने भाजपा से रिश्ता तोड़ा और गुजरात परिवर्तन पार्टी का गठन कर अपनी ही राह पर निकल पड़े थे। 

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में केशुभाई पटेल का पहला कार्यकाल 14 मार्च 1995 से 21 अक्टूबर 1995 तक था। करीब सात महीने सीएम की कुर्सी पर रहने के बाद यह कुर्सी उनसे छिन गई और फिर गुजरात का मुख्यमंत्री सुरेश चंद्र मेहता को बनाया गया। लेकिन, अभी केशुभाई पटेल को एक और बार गुजरात का मुख्यमंत्री बनना था। वह दूसरी बार 4 मार्च 1998 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए और सीएम के रूप में इस बार उनका कार्यकाल 6 अक्टूबर 2001 तक चला।

फिर जब 2001 में गुजरात के अंदर भाजपा को दो उपचुनावों में करारी हार मिली तो मुख्यमंत्री के रूप काम कर रहे केशुभाई पटेल की कुर्सी फिर हिली और तब नरेंद्र मोदी (मौजूदा प्रधानमंत्री) को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया। तब मोदी के गुजरात को मुख्यमंत्री बनने से केशुभाई नाराज हुए और उन्होंने इसका जमकर विरोध भी किया। वह विद्रोह पर उतर आए थे। हालांकि, इसके बाद भी वह लंबे वक्त तक भाजपा के साथ जुड़े रहे।

माना जाता है कि 2007 के गुजरात चुनावों में केशुभाई पटेल ने भाजपा के विरोध में पटेल समुदाय को वोट करने की अपील की थी। लेकिन, उनकी अपील फेल साबित और पटेल बहुल सौराष्ट्र में भाजपा को पहले से भी अधिक बड़ी सफलता मिली। तब केशुभाई पटेल को अपनी राजनीतिक हार का अहसास हुआ। यह साफ संकेट था कि पटेल समुदाय के बीच उनका जनधार घट रहा है। भाजपा ने उन्हें पार्टी विरोधी क्रियाकलापों के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

2012 में उन्होंने भाजपा से अलग होकर गुजरात परिवर्तन पार्टी का गठन किया लेकिन जब चुनावों में उनका पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो 2014 में उन्होंने अपना पार्टी का विलय भाजपा में कर दिया। राज्यसभा सदस्य भी रह चुके केशुभाई पटेल अब दुनिया में नहीं है। हार्ट अटैक के बाद उन्हें अहमदाबाद के स्टर्लिगं अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, वे 92 वर्ष के थे।

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