
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अनुसार, पटना के शहरी क्षेत्र में 162 तथा पटना जिला में 424 शराब की दुकानें थीं। राज्य के सभी शहरी क्षेत्र में कुल 770 शराब की दुकानें संचालित थीं, जबकि राज्यभर में देसी और विदेशी शराब दुकानों की कुल संख्या 5467 थी। इधर, बिहार शराब व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रहे नवल किशोर सिंह कहते हैं कि सरकार को निवेश के अनुरूप किसी अन्य कारोबार का आॅफर शराब के व्यपारियों को देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि शराब दुकान के लिए जहां 10 लाख रुपए तक और नगर निगम व नगर परिषद क्षेत्र मे देशी या विदेशी शराब की दुकान के लिए जहां 50 हजार रुपए तक का निवेश करना पड़ता है, उसके हिसाब से सरकार का यह ऑफर तर्कसंगत नहीं है।
पटना डेयरी के द्वारा शराब कारोबारियों को भेजे गए 'ऑफर लेटर' में कहा गया है कि उन्हें सुधा दूध के प्रति लीटर बिक्री पर 1.10 रुपए बतौर कमीशन दिया जाएगा, जबकि दूध के अन्य उत्पाद की बिक्री पर छह प्रतिशत कमीशन देय होगा।